PM मोदी ने एक और वादा किया पूरा, 1.37 करोड़ गरीबों को दिया सपनों का घर, विपक्ष की बोलती की बंद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना एक और वादा पूरा करके कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों की बोलती बंद कर दी है. मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अप्रैल 2014 से कुल 1.37 करोड़ ग्रामीण आवासों का निर्माण करवाया. जिससे करोड़ों गरीब ग्रामीणों को पक्की छत मिल सकी.
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने अपना एक और वादा पूरा करके कांग्रेस (Congress) समेत सभी विपक्षी दलों की बोलती बंद कर दी है. मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अप्रैल 2014 से कुल 1.37 करोड़ ग्रामीण आवासों का निर्माण करवाया. जिससे करोड़ों गरीब ग्रामीणों को पक्की छत मिल सकी.
ग्रामीण विकास मंत्रालय के मुताबिक 2014-15 में 12 लाख आवासों का निर्माण हुआ था, वहीं 2018-19 में यह संख्या पांच गुनी बढ़कर 65 लाख हो गई. पीएम मोदी ने साल 2016 में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) का शुभारंभ किया था. सरकार दावा कर रही है कि मार्च 2019 तक एक करोड़ आवासों का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा.
पीएमएवाई-जी योजना के अंतर्गत निर्धनतम लोगों को आवास देने का लक्ष्य रखा गया है जो अभी कच्चे घरों में रहते हैं. 4.75 लाख घरों के निर्माण की मंजूरी लंबित है क्योंकि राज्य सरकारों द्वारा भूमिहीनों को जमीन देने का कार्य पूरा नहीं हो पाया है. ऐसे मामले तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और बिहार से संबंधित है.
ग्रामीण आवास कार्यक्रम से न सिर्फ गरीबों को आवास मिलता है बल्कि उन्हें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत 90/95 दिनों का रोजगार भी प्राप्त होता है. इन आवासों को सौभाग्य योजना के तहत विद्युत आपूर्ति की जाती है तथा उज्ज्वला योजना के तहत एलपीजी कनेक्शन दिए जाते हैं. इन आवासों में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालयों का निर्माण किया जाता है.
इसके साथ ही 1.37 करोड़ ग्रामीण आवासों के लाभान्वितों के लिए दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए गए. बता दें की पीएमएवाई-जी योजना का लाभ विभिन्न मापदंडों पर परखने के बाद गरीब ग्रामीणों को मिलता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 18, 2019 07:31 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

