Ramadan 2026: भारत में आज, 19 फरवरी 2026 को रमजान का पहला रोजा रखा जा रहा है. बुधवार शाम को दिल्ली, मुंबई, लखनऊ और हैदराबाद समेत देश के विभिन्न हिस्सों में पवित्र महीने का चांद देखा गया, जिसके बाद मरकजी रूयत-ए-हिलाल कमेटियों ने आधिकारिक रूप से रमजान की शुरुआत का ऐलान किया. इस शुभ अवसर पर देश के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व ने मुस्लिम समुदाय को बधाई संदेश भेजे हैं.
PM मोदी ने जताई एकजुटता की कामना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट साझा करते हुए देशवासियों को रमजान की मुबारकबाद (Ramzan Mubarak) दी. उन्होंने अपने संदेश में लिखा, "रमजान मुबारक! यह शुभ महीना हमारे समाज में एकजुटता की भावना को और आगे बढ़ाए. हर जगह शांति और समृद्धि बनी रहे." पीएम मोदी ने इस पवित्र महीने के जरिए समाज में सेवा और भाईचारे के महत्व पर जोर दिया. यह भी पढ़े: Ramadan 2026: रमजान को लेकर दिल्ली, मुंबई सहित अन्य शहरों में बढ़ी रौनक, चांद नजर आने पर भारत में कल से पहला रोजा
PM मोदी ने दी रमजान की मुबारकबाद
Ramzan Mubarak!
May this auspicious month further the spirit of togetherness in our society. May there be peace and prosperity everywhere.
— Narendra Modi (@narendramodi) February 18, 2026
राहुल गांधी ने भी शुभकामनाएं
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने भी रमजान की शुरुआत पर अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं. उन्होंने अपने संदेश में कहा, "रमजान मुबारक! मेरी कामना है कि यह पवित्र महीना सभी के लिए शांति, समृद्धि और बेहतर स्वास्थ्य लेकर आए." राहुल गांधी के साथ-साथ कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी देश की साझा संस्कृति और सौहार्द को मजबूत करने का संदेश दिया.
राहुल गांधी ने दी मुबारकबाद
Ramzan Mubarak!
May this pious month bring peace, prosperity and good health to everyone. pic.twitter.com/xRjpfhWQVv
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 18, 2026
मस्जिदों में शुरू हुई तरावीह की नमाज
बुधवार शाम को चांद के दीदार के साथ ही देशभर की मस्जिदों में विशेष 'तरावीह' की नमाज का सिलसिला शुरू हो गया. दिल्ली की जामा मस्जिद और फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमामों ने लोगों से देश की तरक्की और भलाई के लिए दुआ करने की अपील की है. इस्लामिक विद्वानों ने रोजेदारों से नमाज और इबादत के दौरान अनुशासन बनाए रखने का भी आग्रह किया है.
सहरी और इफ्तार का कार्यक्रम
आज 19 फरवरी को पहले रोजे के साथ ही महीने भर चलने वाले उपवास का दौर शुरू हो गया है. रोजेदार सुबह सूरज निकलने से पहले 'सहरी' कर रहे हैं और शाम को सूर्यास्त के बाद 'इफ्तार' के साथ अपना व्रत खोलेंगे. तेलंगाना जैसी कुछ राज्य सरकारों ने रमजान के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों को कार्यालयों से जल्दी घर जाने की अनुमति देने के आदेश भी जारी किए हैं ताकि वे समय पर इबादत में शामिल हो सकें.
यह पवित्र महीना लगभग 29 या 30 दिनों तक चलेगा, जिसका समापन मार्च के मध्य में ईद-उल-फितर के त्योहार के साथ होगा.













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