Former Protest: चंडीगढ़ में गुरुवार को किसानों और केंद्रीय मंत्रियों के बीच मीटिंग, इस मांग ने बढ़ाई मोदी सरकार की टेंशन!
पंजाब और हरियाणा के बीच अंतर्राज्यीय सीमाओं पर बुधवार को दूसरे दिन भी भारी सुरक्षा बंदोबस्त जारी रहने के बीच किसान यूनियनों और केंद्र के बीच तीसरे दौर की बैठक यहां गुरुवार को होगी.
चंडीगढ़, 14 फरवरी: पंजाब और हरियाणा के बीच अंतर्राज्यीय सीमाओं पर बुधवार को दूसरे दिन भी भारी सुरक्षा बंदोबस्त जारी रहने के बीच किसान यूनियनों और केंद्र के बीच तीसरे दौर की बैठक यहां गुरुवार को होगी. यह जानकारी सूत्रों ने दी.
इससे पहले, किसान नेताओं के साथ वर्चुअल तौर पर बातचीत के लिए केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और पीयूष गोयल के साथ यहां शाम को पंजाब सरकार के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक बैठक की योजना बनाई गई थी.
राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जब इकट्ठे हुए प्रदर्शनकारी किसान फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सहित अधूरी मांगों पर विरोध दर्ज कराने के लिए राष्ट्रीय राजधानी की ओर जाने पर अड़े थे, तो केंद्र ने "मुद्दों को सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटाने" के लिए एक और दौर की बातचीत करने की घोषणा की.
पिछले दो दिनों में पुलिस ने किसानों के विरोध प्रदर्शन को राष्ट्रीय राजधानी तक पहुंचने से रोकने के लिए प्रदर्शनकारियों पर आंसूगैस का इस्तेमाल किया. Drones vs Kites: दिल्ली चलो आंदोलन में अनोखा हथियार! ड्रोन से लड़ने के लिए पतंगें उड़ा रहे किसान, देखें वीडियो
उनके बीच हुई पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी और किसान घायल हो गए. 200 से अधिक किसान संघों का प्रतिनिधित्व करने वाले किसान फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, कृषि ऋणों की माफी और विरोध करने वालों के खिलाफ आपराधिक मामलों सहित अधूरी मांगों पर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए राष्ट्रीय राजधानी की ओर जाने पर अड़े हुए हैं.
सोमवार देर रात किसान यूनियन नेताओं के साथ दूसरे दौर की बातचीत "बेनतीजा" रहने के बाद केंद्रीय मंत्री मुंडा ने कहा कि सरकार अभी भी उनकी मांगों पर चर्चा करने के लिए तैयार है.
चंडीगढ़ में किसान नेताओं के साथ दूसरे दौर की बातचीत में मुंडा के अलावा केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद थे. उन्होंने कहा, "किसानों से हर विषय पर गंभीर चर्चा हुई. सरकार बातचीत के जरिए हर समाधान निकालना चाहती है. कुछ मुद्दों पर हमारी सहमति बनी. लेकिन कुछ मुद्दे ऐसे थे, जिनके स्थायी समाधान के लिए हमने कहा कि एक कमेटी बनाई जाए."
बैठक के बाद गोयल के साथ मौजूद मुंडा ने मीडिया से कहा था, "किसी भी मुद्दे का हल बातचीत के जरिए किया जा सकता है. हमें उम्मीद है कि हम समाधान तक पहुंचेंगे. हमारा मकसद किसानों और जनता के अधिकारों की रक्षा करना है."
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 14, 2024 11:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

