अजमेर: राजस्थान (Rajasthan) के अजमेर (Ajmer) स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (Maharshi Dayanand Saraswati University) (MDSU) में परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर विश्वविद्यालय के छात्र ही अपने सहपाठियों की उत्तर पुस्तिकाएं (Answer Sheets) जांचते हुए दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में छात्र न केवल कॉपियां चेक कर रहे हैं, बल्कि अंकों और लिखावट पर चर्चा करते हुए भी नजर आ रहे हैं. इस घटना के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया है.
वीडियो में दिख रही उत्तर पुस्तिकाएं बीए प्रथम वर्ष (सेमेस्टर-2) के 'भारत का इतिहास' विषय की बताई जा रही हैं. कॉपियों पर विश्वविद्यालय का लोगो (Logo) साफ तौर पर दिखाई दे रहा है.
हैरानी की बात यह है कि जिस कार्य को गोपनीय तरीके से प्रोफेसरों और विशेषज्ञों द्वारा किया जाना चाहिए, उसे खुलेआम छात्र अंजाम दे रहे थे. वीडियो में छात्रों को यह कहते हुए भी सुना जा सकता है कि किसकी हैंडराइटिंग कैसी है और किसे कितने अंक मिलने चाहिए. यह भी पढ़ें: Rajasthan 4th Grade Result 2025 Out: राजस्थान चतुर्थ श्रेणी भर्ती परीक्षा 2025 का परिणाम घोषित, rssb.rajasthan.gov.in पर ऐसे करें मेरिट चेक
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बैठाई जांच समिति
मामले के तूल पकड़ने के बाद विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक सुनील कुमार टेलर ने घटना का संज्ञान लिया है. विश्वविद्यालय ने मामले की तह तक जाने के लिए एक विशेष जांच समिति का गठन किया है.
परीक्षा नियंत्रक ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी इस लापरवाही में दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. साथ ही, गोपनीय दस्तावेजों का वीडियो बनाने और उसे सार्वजनिक करने के मामले में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने पर भी विचार किया जा रहा है.
वायरल वीडियो से अजमेर की MDSU में परीक्षा घोटाला सामने आया – देखें
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छात्र संगठनों में रोष
इस खुलासे के बाद छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन किया है. छात्रों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से हजारों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है और शैक्षणिक विश्वास को चोट पहुंची है. संगठनों ने मांग की है कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया की फिर से समीक्षा की जाए और दोषियों को तुरंत बर्खास्त किया जाए.
गौरतलब है कि MDSU राजस्थान के प्रमुख विश्वविद्यालयों में से एक है, जहां हजारों छात्र नामांकित हैं. पूर्व में भी राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में कॉपियों के मूल्यांकन को लेकर विवाद होते रहे हैं, लेकिन छात्रों द्वारा खुद ही कॉपियां जांचने का यह मामला बेहद दुर्लभ और गंभीर माना जा रहा है. जांच समिति को अपनी रिपोर्ट जल्द से जल्द सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके बाद आगामी कार्रवाई तय की जाएगी.













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