Mann Ki Baat: पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में की अपील- 15 अगस्त को ज्यादा से ज्यादा लोग गाएं राष्ट्रगान, कोरोना प्रोटोकॉल का करें पालन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (25 जुलाई) आकाशवाणी पर ‘मन की बात’ (Mann Ki Baat) कार्यक्रम से देश-विदेश के लोगों को संबोधित किया. 'मन की बात' के 79वें संस्करण में अपने विचार साझा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 15 अगस्त को ज्यादा से ज्यादा लोग राष्ट्रगान गाएं. उन्होंने कहा कि दो दिन पहले की अद्भुत तस्वीरें, यादगार पल, अब भी मेरी आंखों के सामने हैं.
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (25 जुलाई) आकाशवाणी पर ‘मन की बात’ (Mann Ki Baat) कार्यक्रम से देश-विदेश के लोगों को संबोधित किया. 'मन की बात' के 79वें संस्करण में अपने विचार साझा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 15 अगस्त को ज्यादा से ज्यादा लोग राष्ट्रगान गाएं. उन्होंने कहा "दो दिन पहले की अद्भुत तस्वीरें, यादगार पल, अब भी मेरी आंखों के सामने हैं. टोक्यो ऑलंपिक में भारतीय खिलाड़ियों को तिरंगा लेकर चलता देखकर मैं ही नहीं, पूरा देश ही रोमांचित हो उठा. पूरे देश ने जैसे अपने इन योद्धाओं से कहा- विजयी भवः, विजयी भवः". अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने सभी से कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील भी की. उन्होंने कहा कि पर्व और त्योहार मनाते समय याद रखें, कोरोना अभी गया नहीं है.
उन्होंने कहा “जब ये खिलाड़ी भारत से गए थे, तो मुझे भी इनसे गप-शप करने का, उनके बारे में जानने का और देश को बताने का अवसर मिला था. ये खिलाड़ी जीवन की अनेक चुनौतियों को पार करके यहां पहुंचे हैं. जो देश के लिए तिरंगा उठाता है, उसके सम्मान में, भावनाओं से भर जाना स्वाभाविक ही है.”
प्रधानमंत्री ने कहा “इस बार 15 अगस्त को देश अपनी आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है. ये हमारा बहुत बड़ा सौभाग्य है कि जिस आजादी के लिए देश ने सदियों का इंतजार किया, उसके 75 वर्ष होने के हम साक्षी बन रहे हैं. कितने ही स्वाधीनता सेनानी और महापुरुष हैं, जिन्हें अमृत महोत्सव में देश याद कर रहा है. सरकार और सामाजिक संगठनों की तरफ से भी लगातार इससे जुड़े कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं.”
उन्होंने आगे कहा "अमृत महोत्सव’ किसी सरकार का, किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं है. यह कोटि-कोटि भारतवासियों का कार्यक्रम है. रोज के काम करते हुए भी हम राष्ट्र निर्माण कर सकते हैं, जैसे, Vocal for local. हमारे देश के स्थानीय उद्यमियों, कलाकारों, शिल्पकारों, बुनकरों को support करना, हमारे सहज स्वभाव में होना चाहिए.”
पीएम ने कहा “मन की बात एक ऐसा माध्यम है जहां सकारात्मकता है, संवेदनशीलता है. इसमें हम सकारात्मक बातें करते हैं. कुछ दिन पहले माईजीओवी (MyGov) की ओर से मन की बात के श्रोताओं को लेकर एक स्टडी की गई. इस के बाद सामने आया कि संदेश और सुझाव भेजने वालों में से करीब 75 फीसदी 35 वर्ष से कम आयु के लोग होते हैं. आप लोगों से मिले सुझाव ही मन की बात की असली ताकत है. आपके सुझाव ही मन की बात के माध्यम से भारत की विविधता को प्रकट करते हैं.”
उल्लेखनीय है कि ‘मन की बात’ के लिए प्राप्त 74 प्रतिशत से अधिक जानकारी 18 से 34 वर्ष आयुवर्ग के लोगों से आयी है तथा स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि क्षेत्रों में लोगों से सबसे अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं. माईजीओवी के सीईओ एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अभिषेक सिंह ने हाल ही में कहा कि यह आंकड़ा एक विश्लेषण के दौरान सामने आया. उन्होंने कहा, ‘‘हमने कार्यक्रम में नियमित रूप से सबसे अधिक योगदान देने वाले आयुवर्ग के बारे में पता लगाने के लिए इस महीने सबसे अधिक लगभग 30,000 जानकारी की समीक्षा की. हमने देखा कि 74 प्रतिशत जानकारी 18 से 34 आयु वर्ग के लोगों से आयी थी. कई ऐसे हैं जो जिन्होंने अपनी आयु सीमा नहीं दी है, इसलिए यह संख्या और भी अधिक हो सकती है.’’ जिन शीर्ष 5 शहरों से नागरिकों ने सुझाव दिए हैं उनमें दिल्ली, लखनऊ, पुणे, जयपुर और अहमदाबाद शामिल हैं. राज्यों में, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल से जानकारी की संख्या विशेष रूप से अधिक रही. माईजीओवी के अलावा, मन की बात के लिए जानकारी ‘नमो ऐप’ के माध्यम से भी भेजी जा सकती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 25, 2021 11:23 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

