Maharashtra Haj Committee: महाराष्ट्र हज कमेटी में पहली बार गैर-मुस्लिम CEO की नियुक्ति, फैसले पर मुस्लिम समुदाय के संगठनों ने जताई आपत्ति
महाराष्ट्र राज्य हज कमेटी के इतिहास में पहली बार एक गैर-मुस्लिम अधिकारी, मनोज जाधव (IAS) को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है. इस फैसले पर मुस्लिम समुदाय के कुछ संगठनों ने धार्मिक बारीकियों की समझ को लेकर चिंता जताई है.
Maharashtra Haj Committee: महाराष्ट्र राज्य हज कमेटी के इतिहास में एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखा गया है. राज्य सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी मनोज जाधव को कमेटी का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। यह पहली बार है जब किसी गैर-मुस्लिम अधिकारी को इस पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है. जाधव ने निवर्तमान सीईओ शेख इब्राहिम शेख असलम का स्थान लिया है.
मुस्लिम समुदाय के संगठनों ने जताई आपत्ति
मनोज जाधव की नियुक्ति के बाद मुस्लिम समुदाय और धार्मिक संगठनों के बीच चर्चा तेज हो गई है. जामा मस्जिद के ट्रस्टी शुएब खतीब ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रशासनिक अनुभव होना एक अलग बात है, लेकिन हज यात्रा की धार्मिक बारीकियों और अनुष्ठानों की समझ होना अनिवार्य है. यह भी पढ़े: Navi Mumbai New Haj House: हाजियों के लिए बड़ी सुविधा, नवी मुंबई के खारघर में बनेगा नया हज हाउस
खतीब ने सवाल उठाया कि चूंकि सऊदी अरब के नियमों के अनुसार गैर-मुस्लिमों का तीर्थयात्रा के मुख्य केंद्रों में प्रवेश वर्जित है, ऐसे में क्या नया अधिकारी उन समस्याओं को पूरी तरह समझ पाएगा जो तीर्थयात्रियों को वहां आने वाली हैं?
समुदाय मांग
मुंबई के कुछ मुस्लिम प्रतिनिधियों ने इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है. उनका तर्क है कि हज इस्लाम का पांचवां अनिवार्य स्तंभ है और यह पूरी तरह से एक धार्मिक कर्तव्य है। ऐसे में कमेटी के प्रशासनिक प्रमुख के रूप में किसी गैर-मुस्लिम की नियुक्ति को "अस्वीकार्य" बताया जा रहा है. विरोध करने वालों का कहना है कि प्रशासन को इस संवेदनशील पद पर किसी अनुभवी मुस्लिम अधिकारी को नियुक्त करना चाहिए था.
हज 2026 का शेड्यूल और नए नियम
विवादों के बीच, वर्ष 2026 की हज यात्रा की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। चांद दिखने के आधार पर हज 2026 की संभावित तारीखें 25 मई से 30 मई के बीच तय की गई हैं. सऊदी अरब सरकार ने इस साल के लिए कुछ सख्त नियम भी जारी किए हैं.
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खाना पकाने पर रोक: कैंपों में खाना बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। तीर्थयात्री अपने साथ इलेक्ट्रिक कुकर नहीं ले जा सकेंगे.
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आवश्यक सामान: यात्रियों को 5-6 दिनों की दवाइयों के स्टॉक के अलावा छाता, सनग्लासेस, प्लास्टिक मैट और प्रोटीन बार साथ रखने की सलाह दी गई है.
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उड़ानें: भारत से हज की पहली उड़ानें 18 अप्रैल 2026 के आसपास शुरू होने की उम्मीद है.
हज कमेटी की भूमिका
महाराष्ट्र राज्य हज कमेटी भारत को मिलने वाले कुल कोटे (लगभग 1.75 लाख) में से महाराष्ट्र के हिस्से के यात्रियों की व्यवस्था संभालती है. कमेटी का मुख्य कार्य वीजा, आवास, और सऊदी अरब में परिवहन की सुविधाओं को सुनिश्चित करना होता है। कुल कोटे का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा निजी ऑपरेटरों के पास होता है, जबकि बाकी 75 प्रतिशत का प्रबंधन हज कमेटी करती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 14, 2026 03:35 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

