Maharashtra Billboard Policy Updates: मुंबई के घाटकोपर में पिछले साल हुए होर्डिंग हादसे के बाद राज्य सरकार ने पूर्व जस्टिस दिलीप भोसले की अगुवाई में एक कमेटी गठित की थी. कमेटी को होर्डिंग्स से संबंधित रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया था. कमेटी ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंप दी है. रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद प्रदेश सरकार ने बिलबोर्ड पॉलिसी में बड़े बदलाव किए हैं. सरकार के फैसले के अनुसार, महाराष्ट्र में बिलबोर्ड का अधिकतम आकार 40x40 फीट निर्धारित किया गया है.
कमिटी ने रिपोर्ट में कई सुझाव दिए
कमिटी ने कुल 21 दिशानिर्देश सुझाए हैं. सुझाव में बिलबोर्ड का आकार 40 फीट से अधिक नहीं होने की बात कहीं गई हैं. वहीं रिपोर्ट में छतों या सीमा दीवारों पर बिलबोर्ड लगाना प्रतिबंधित की बात कहीं गई हैं. यह भी पढ़े: Quaisar Khalid ACB Summons: घाटकोपर होर्डिंग मामले में निलंबित IPS अधिकारी क़ैसर ख़ालिद की बढ़ी मुश्किलें, पैसों के लेन देन मामले में ACB ने भेजा समन
कमिटी के सुझाव
- अनुबंध चाहने वाली एजेंसियों को DGIPR के साथ पंजीकृत होना आवश्यक है और उनके पास कम से कम तीन वर्षों का विज्ञापन अनुभव होना चाहिए। बोली लगाने वाली एजेंसियों के मालिक महाराष्ट्र के निवासी होने चाहिए ताकि स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा मिल सके.
- राजस्व विभाग पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा ताकि प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता बनी रहे. जिला कलेक्टर होर्डिंग्स के लिए उपयुक्त भूमि की पहचान करेंगे और ई-नीलामी आयोजित करेंगे, जिसमें भूमि क्षेत्र और होर्डिंग के आयाम निर्धारित होंगे.
- विजेता बोलीदाता को तिमाही में सात दिनों के लिए सरकारी विज्ञापनों के लिए मुफ्त होर्डिंग स्थान प्रदान करना होगा.
- पट्टा शर्तें कोर्ट के आदेश के बिना विस्तार की अनुमति नहीं देंगी; यदि आवश्यक हो तो दोगुनी फीस लागू की जाएगी.
- होर्डिंग्स की स्थापना से पहले संबंधित अधिकारियों से अनुमति लेना अनिवार्य होगा और जिला कलेक्टरों को होर्डिंग्स की स्थिति पर मासिक अपडेट देना होगा. इसके अलावा, एक वार्षिक लाइसेंस शुल्क भी लागू किया जाएगा.
घाटकोपर हादसे में 17 लोगों की गई थी जान
यह नीति घाटकोपर हादसे के बाद सुरक्षा मानकों को मजबूत करने का प्रयास है, जिसमें 17 लोगों की मौत हुई थी. जिसके बाद राज्य सरकार ने अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई के भी निर्देश दिए.













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