मणिपुर में एसपी, डीसी कार्यालयों पर भीड़ के हमले के पीछे 'छिपे हुए एजेंडे' का पता लगाने के लिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने शनिवार को कहा कि यह पता लगाने के लिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं कि क्या चुराचांदपुर जिले में 15 फरवरी को उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक के कार्यालयों पर भीड़ के हमले के पीछे कोई 'छिपा हुआ एजेंडा' था किसी का नाम लिए बिना मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस जिले में हिंसा भड़काने के आरोप में चुराचांदपुर विधायक के खिलाफ मामला दर्ज करेगी.
इंफाल, 18 फरवरी : मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने शनिवार को कहा कि यह पता लगाने के लिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं कि क्या चुराचांदपुर जिले में 15 फरवरी को उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक के कार्यालयों पर भीड़ के हमले के पीछे कोई 'छिपा हुआ एजेंडा' था किसी का नाम लिए बिना मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस जिले में हिंसा भड़काने के आरोप में चुराचांदपुर विधायक के खिलाफ मामला दर्ज करेगी. चुराचांदपुर में गुरुवार देर रात एक सरकारी परिसर, जिसमें एसपी और डीसी के कार्यालय हैं, पर धावा बोलने वाली भीड़ पर सुरक्षा बलों की गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई और 40 से अधिक अन्य घायल हो गए.
सिंह ने कहा कि चूड़ाचांदपुर में आगजनी में जानमाल की हानि और पांगेई में मणिपुर पुलिस प्रशिक्षण कॉलेज (एमपीटीसी) और चिंगारेल में मणिपुर राइफल्स परिसर की 5वीं बटालियन से हथियार लूटने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है और सरकार इन घटनाओं की पुरजोर निंदा करती है. उन्होंने मीडिया से कहा, “दोनों घटनाओं की मजिस्ट्रेट जांच कराई जाएगी. जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी. कानून-व्यवस्था बनाए रखना, सार्वजनिक संपत्ति और मानव जीवन की रक्षा करना सरकार का प्राथमिक कर्तव्य और जिम्मेदारी है. यह भी पढ़ें : दिल्ली: स्कूल में परेशान करने पर तीन किशोरों ने 11वीं के छात्र की हत्या की
मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि सोशल मीडिया पर चुराचांदपुर एसपी को धमकी देने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है. इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) द्वारा एसपी को जारी किए गए कथित अल्टीमेटम के बारे में सिंह ने कहा कि ऐसी धमकियों को हल्के में नहीं लिया जाएगा और सरकार इन घटनाओं पर आंखें नहीं मूंदेगी. राज्य सरकार ने एमपीटीसी और मणिपुर राइफल्स परिसर की 5वीं बटालियन में हुई घटना के सिलसिले में सात कर्मियों को निलंबित कर दिया है.
दोनों घटनाओं के बारे में कुछ लोगों की टिप्पणियों की निंदा करते हुए सिंह ने कहा कि इस तरह की विभाजनकारी राजनीति करना और युवाओं को गुमराह करना निंदनीय है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की भी तैयारी कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा, ''किसी भी स्थान पर राज्य या राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए किसी भी चुनौती के खिलाफ कोई समझौता नहीं किया जाएगा.'' उन्होंने कहा कि तलाशी अभियान चलाने के लिए अतिरिक्त बलों को सुगुनु क्षेत्र लैलोईफाई भेजा गया है, जहां से गोलीबारी की सूचना मिली थी.
उन्होंने कहा: “कुछ क्षेत्रों को संवेदनशील या हॉट-स्पॉट ज़ोन के रूप में चिह्नित किया गया है. राज्य का कोई भी क्षेत्र कानून-व्यवस्था के दायरे से नहीं छूटेगा.” सिंह ने यह भी कहा कि राहत शिविरों में रहने वाले 59 हजार 800 लोगों को प्रति व्यक्ति एक हजार रुपये की वित्तीय सहायता तीसरी बार मंजूर की गई है. उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही इन लोगों को वैकल्पिक आवास प्रदान करेगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 18, 2024 08:32 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

