Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र में 29 नगर निगमों के चुनाव से ठीक पहले 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना' को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। राज्य चुनाव आयोग (SEC) ने भाजपा मंत्री गिरीश महाजन के उस बयान पर कड़ा संज्ञान लिया है, जिसमें उन्होंने मकर संक्रांति (14 जनवरी) से पहले पात्र लाभार्थियों के खातों में 3,000 रुपये जमा करने का दावा किया था। आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल से इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है कि क्या सरकार वास्तव में मतदान से ठीक एक दिन पहले दो महीने की संयुक्त किस्त जारी करने की योजना बना रही है.
क्या है विवाद की मुख्य वजह?
विवाद की शुरुआत मंत्री गिरीश महाजन के एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई। उन्होंने 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा था कि मकर संक्रांति के उपहार स्वरूप "लाडली बहनों" के खातों में दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 की संयुक्त किस्त के रूप में 3,000 रुपये जमा किए जाएंगे. यह भी पढ़े: Ladki Bahin Yojana: कांग्रेस ने EC को लिखा पत्र, कहा- लाडकी बहन योजना की नवंबर-दिसंबर माह की पेंडिंग किस्तें चुनाव के बाद जारी की जाएं; दिया ये हवाला
चूंकि राज्य के 29 नगर निगमों, जिनमें मुंबई (BMC) और पुणे (PMC) शामिल हैं, के लिए 15 जनवरी को मतदान होना है, विपक्ष ने इसे मतदाताओं को लुभाने का प्रयास करार दिया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदान से महज 24 घंटे पहले पैसा बांटना 'आदर्श आचार संहिता' का स्पष्ट उल्लंघन है.
चुनाव आयोग की कार्रवाई और विपक्षी मांग
राज्य कांग्रेस के महासचिव एडवोकेट संदेश कोंडविलकर ने शनिवार को चुनाव आयोग को पत्र लिखकर इस भुगतान पर रोक लगाने की मांग की थी। उन्होंने इसे "सरकारी रिश्वत" बताते हुए कहा कि यह महिला मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश है। इसके बाद, आयोग ने रविवार को मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सोमवार सुबह 11 बजे तक तथ्यों के साथ जवाब देने का निर्देश दिया। आयोग यह जांचना चाहता है कि क्या चल रही योजनाओं के नाम पर चुनाव के दौरान इस तरह का बड़ा भुगतान नियमों के दायरे में आता है या नहीं.
सत्ता पक्ष का पलटवार
इस हंगामे के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने चेंबूर में एक सभा के दौरान कहा कि कांग्रेस ने पहले भी इस योजना को रोकने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था और अब वे चुनाव का बहाना बना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया, "'लाडकी बहिन' राज्य सरकार की एक निरंतर चलने वाली (Ongoing) योजना है और ऐसी योजनाओं पर चुनाव आचार संहिता की पाबंदियां लागू नहीं होतीं। कांग्रेस चाहे जो कहे, बहनों को उनका पैसा जरूर मिलेगा.
जानें इस योजना के बारे में
महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों को मिनी विधानसभा चुनाव माना जा रहा है. लाडकी बहिन योजना, जिसके तहत पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह मिलते हैं, महायुति सरकार के लिए एक प्रमुख चुनावी तुरुप का इक्का रही है. विपक्षी गठबंधन (MVA) का तर्क है कि वे योजना के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन चुनाव से ठीक एक दिन पहले भुगतान की टाइमिंग संदिग्ध है। अब सभी की नजरें मुख्य सचिव की रिपोर्ट और उस पर चुनाव आयोग के अंतिम फैसले पर टिकी हैं.












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