Kurla BKC Skywalk Update: पांच साल की देरी के बाद अंतिम चरण में कुर्ला-BKC स्काईवॉक का काम, जून खुल सकता हैं
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Kurla BKC Skywalk Update: मुंबई के सबसे व्यस्त और भीड़भाड़ वाले इलाकों में से एक कुर्ला वेस्ट में लाल बहादुर शास्त्री (LBS) रोड पर बन रहे स्काईवॉक का काम अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है. करीब पांच साल की लंबी देरी के बाद इस स्काईवॉक को जून 2026 के पहले हफ्ते में आम जनता के लिए खोले जाने की उम्मीद है. इस सुविधा के शुरू होने से कुर्ला रेलवे स्टेशन और बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) के बीच रोजाना यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को भारी ट्रैफिक और जलभराव से बड़ी राहत मिलेगी.

18 महीने का प्रोजेक्ट, लग गए 5 साल

कुर्ला (वेस्ट) में सीताराम भैरू मार्ग के साथ टैक्सीमैन्स कॉलोनी और श्रीकृष्ण चौक को जोड़ने वाले इस स्काईवॉक को अगस्त 2021 में मंजूरी दी गई थी. शुरुआत में इसे पूरा करने के लिए 18 महीने की समयसीमा तय की गई थी. हालांकि, प्रशासनिक और तकनीकी कारणों से इसकी समयसीमा लगातार आगे बढ़ती रही. पहले अप्रैल 2023, फिर अप्रैल 2024 और बाद में मार्च 2026 की समयसीमा तय की गई. अब तमाम बाधाओं को पार करते हुए नागरिक निकाय (BMC) के सूत्रों ने इसके जल्द उद्घाटन के संकेत दिए हैं.  यह भी पढ़े:  Sion ROB Update: मुंबई के सायन रेलवे ओवरब्रिज का उद्घाटन फिर टला, अब 15 अगस्त तक खुलने की संभावना

भूमिगत केबल और गैस पाइपलाइन बनीं देरी की वजह

नागरिक निकाय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस परियोजना में देरी का मुख्य कारण जमीन के नीचे मौजूद उपयोगिताओं (Underground Utilities) की चुनौतियां थीं. स्काईवॉक के पिलर खड़े करने के रास्ते में हाई-टेंशन बिजली केबल, महानगर गैस की पाइपलाइन, जल निकासी की बड़ी लाइनें और तूफानी जल निकासी (Stormwater Drain) आ रही थीं. इसके अलावा कुछ स्थानों पर अवैध अतिक्रमण भी बड़ी बाधा थे. इन सभी दिक्कतों को अब पूरी तरह से दूर कर लिया गया है. लगभग 14.36 करोड़ रुपये की लागत वाले इस स्काईवॉक को पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से डिजाइन किया गया है.

मानसून में यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

कुर्ला के स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता अनिल गलगली ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह स्काईवॉक खुलने से पैदल यात्रियों को एक सुरक्षित और सुगम रास्ता मिलेगा. मुंबई में मानसून के दौरान कुर्ला और एलबीएस मार्ग पर भारी जलभराव हो जाता है, जिससे पैदल चलना मुश्किल हो जाता है. इस स्काईवॉक के चालू होने से लोग नीचे की जलभराव वाली सड़कों और ट्रैफिक के खतरों से बच सकेंगे. साथ ही, मुख्य सड़क पर पैदल यात्रियों की संख्या कम होने से वाहनों के लिए भी ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी.

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि स्काईवॉक के दोनों छोर पर एस्केलेटर (स्वचालित सीढ़ियां) लगाने और उन्हें चालू करने के बचे हुए काम को भी जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों को इसका पूरा लाभ मिल सके.