BMC Mumbai Monsoon Preparedness 2026: मुंबई मानसून से पहले बीएमसी की बड़ी तैयारी, जलजमाव वाले इलाकों में लगाएगी 547 स्मार्ट IoT पंप
मुंबई नगर निगम (BMC) ने मानसून की तैयारियों को तेज करते हुए 5 मई तक 547 पोर्टेबल पंप तैनात करने का लक्ष्य रखा है. इस साल बाढ़ रोकने के लिए आईओटी (IoT) तकनीक और सड़कों के कंक्रीटकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
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BMC Mumbai Monsoon Preparedness 2026: मुंबई नगर निगम (BMC) ने आगामी मानसून के मद्देनजर अपनी व्यापक तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है. नगर आयुक्त अश्विनी भिड़े ने घोषणा की है कि इस साल जलजमाव वाले संवेदनशील इलाकों में 547 पोर्टेबल डीवाटरिंग पंप लगाए जाएंगे. पिछली बार मानसून के समय से पहले आने के अनुभव को देखते हुए, बीएमसी ने इन पंपों को तैयार रखने की समय सीमा (डेडलाइन) बढ़ाकर 5 मई कर दी है. आयुक्त ने मौसम विभाग (IMD), एनडीआरएफ (NDRF) और रेलवे के साथ एक संयुक्त समीक्षा बैठक में इन उपायों की जानकारी दी.
पहली बार आईओटी (IoT) आधारित निगरानी.
मुंबई के इतिहास में पहली बार, सभी 547 पोर्टेबल पंप आईओटी आधारित उपकरणों से लैस होंगे. यह भी पढ़े: BMC Budget 2026 Date: एशिया की सबसे अमीर महानगरपालिका का बजट 25 फरवरी को हो सकता है पेश, मुंबईकरों को बड़ी उम्मीदें
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वितरण: द्वीप शहर में 146, पूर्वी उपनगरों में 178 और पश्चिमी उपनगरों में 123 पंप लगाए जाएंगे.
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रिमोट कंट्रोल: इस तकनीक के माध्यम से केंद्रीय नियंत्रण कक्ष रियल-टाइम में पंपों की स्थिति देख सकेगा और ऑपरेटर उन्हें स्मार्टफोन के जरिए कहीं से भी नियंत्रित कर सकेंगे.
बाढ़ प्रवण क्षेत्रों का समाधान
नगर आयुक्त ने बताया कि मुंबई में कुल 496 बाढ़ प्रवण (flood-prone) स्थान चिह्नित किए गए थे. इनमें से 403 स्थानों पर स्थायी समाधान कर लिया गया है. शेष 93 स्थानों में से केवल 13 पर ही मानसून से पहले काम पूरा हो सकेगा, जबकि अन्य जगहों पर अस्थायी पंपों के जरिए जल निकासी सुनिश्चित की जाएगी.
सड़कों का कंक्रीटकरण और गड्ढों के लिए बजट.
सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए बीएमसी ने आक्रामक रुख अपनाया है.
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कंक्रीट सड़कें: मुंबई के 2,050 किलोमीटर सड़क नेटवर्क में से 1,745 किलोमीटर का कंक्रीटकरण पूरा हो चुका है.
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काम पर रोक: जिन सड़कों का काम 70% से कम पूरा हुआ है, उन्हें मानसून के दौरान बंद कर मैस्टिक से ढका जाएगा ताकि दुर्घटनाएं न हों.
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बजट में कटौती: कंक्रीट सड़कों के कारण गड्ढों की समस्या कम हुई है, इसलिए मरम्मत बजट को 2025 के 97 करोड़ रुपये से घटाकर इस साल 45 करोड़ रुपये कर दिया गया है.
सुरक्षा और ड्रेनेज के लिए अतिरिक्त उपाय.
मानसून के दौरान नागरिकों की सुरक्षा के लिए कई अन्य कदम भी उठाए गए हैं:
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खतरनाक इमारतें: शहर में 174 इमारतों को 'C1' श्रेणी (अत्यधिक खतरनाक) में रखा गया है. इनमें से 72 को खाली करा लिया गया है.
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नालों की सफाई: प्रमुख नालों की सफाई का काम 39% पूरा हो चुका है. मीठी नदी की सफाई भी मानसून से पहले पूरी करने का लक्ष्य है.
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आपातकालीन दल: किसी भी आपदा से निपटने के लिए मुंबई में एनडीआरएफ की तीन टीमें तैनात रहेंगी.
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पेड़ों की छंटाई: लगभग 60,000 पेड़ों की छंटाई का लक्ष्य है, जिनमें से 26,000 का काम पूरा हो चुका है.
15 मई से 10% जल कटौती.
तैयारियों के बीच, बीएमसी ने पानी के स्टॉक को बचाने के लिए 15 मई से 10% जल कटौती लागू करने का फैसला किया है. सामान्य से कम बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए यह कदम एहतियातन उठाया जा रहा है. इसके अलावा, रेलवे पटरियों पर जलजमाव रोकने के लिए रेलवे अधिकारियों के साथ मिलकर विशेष ड्रेनेज सिस्टम की जांच की जा रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 03, 2026 03:19 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

