अमेरिकी रक्षा मंत्री की चेतावनी के बाद चीन ने की फिलीपींस के पास कार्रवाई
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने हाल ही में चीन के बढ़ते सैन्य विस्तार पर चिंता जताई थी.
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने हाल ही में चीन के बढ़ते सैन्य विस्तार पर चिंता जताई थी. इसके बाद चीन की ओर से फिलीपींस और चीन के बीच के विवादित इलाके स्कारबोरो शोल के पास सैन्य गश्त करने की जानकारी दी गई है.चीन की सेना ने दक्षिण चीन सागर में स्थित विवादित स्कारबोरो शोल के पास गश्त करने की पुष्टि की है. यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है जब सिंगापुर में एशिया का प्रमुख सुरक्षा सम्मेलन शांग्री-ला डायलॉग जारी है.
चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के सदर्न थिएटर कमांड ने वीचैट पर जारी बयान में कहा कि उसकी नौसेना और वायुसेना ने शोल और आसपास के समुद्री तथा हवाई क्षेत्र में ‘युद्ध तैयारियां दिखाने के लिए गश्त' लगाई. बयान में कहा गया कि यह गश्त चीन के ‘अधिकारों के उल्लंघन और देश के प्रति उकसावे वाली गतिविधियों‘ से निपटने का प्रभावी उपाय है.
चीन के कोस्ट गार्ड ने अलग बयान में बताया कि उसने भी स्कारबोरो शोल के आसपास कानूनी गश्त की और इस महीने ‘गैरकानूनी गतिविधियों' में शामिल रहे जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की. हालांकि कोस्ट गार्ड ने अपनी कार्रवाई के बारे में विस्तार से नहीं बताया.
रक्षा मंत्री बोले, चीन से गंभीर खतरा
स्कारबोरो शोल एक त्रिकोणीय आकार का द्वीप समूह है. यह मूंगे की परत के जमाव से बना है और इसके बीच में एक लगून है. फिलहाल यह एशिया के सबसे विवादित समुद्री इलाकों में से एक है और इस पर चीन और फिलीपींस के बीच लंबे समय से संप्रभुता और मछली पकड़ने के अधिकारों को लेकर विवाद रहा है. हाल के वर्षों में दोनों देशों के जहाजों के बीच कई बार टकराव हुए हैं. ऐसी झड़पों में कुछ लोगों के घायल होने की खबर भी सामने आई हैं.
इस बीच, शांग्री-ला डायलॉग के दौरान रॉयटर्स से बात करते हुए फिलीपींस के रक्षा मंत्री गिल्बर्टो टियोदोरो ने कहा कि हालिया अमेरिका-चीन रिश्तों में नरमी के बावजूद फिलीपींस को चीन से ‘गंभीर खतरा' बना हुआ है. चीन का यह खतरा क्षेत्रीय भी है और राजनीतिक भी. उन्होंने कहा कि फिलीपींस के पास ‘चीन के दबाव का सामना करने और उसके खिलाफ खड़े रहने' के अलावा कोई विकल्प नहीं है.
कई देशों के साथ है चीन का समुद्री सीमा विवाद
दक्षिण चीन सागर को लेकर विवाद लंबे समय से जारी है. चीन अपने नक्शों में दिखाई गई तथाकथित ‘नाइन-डैश लाइन' के आधार पर लगभग पूरे समुद्री क्षेत्र पर दावा करता है. यह दावा फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ब्रुनेई और इंडोनेशिया के विशेष आर्थिक क्षेत्रों के साथ टकराता है.
2016 में हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता अदालत ने चीन के इन दावों को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत खारिज कर दिया था, लेकिन बीजिंग इस फैसले को नहीं मानता. ताइवान के अपने भू-भाग के दावे भी लगभग चीन के जैसे ही हैं. इससे इस क्षेत्र का विवाद और जटिल हो जाता है.
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने चीनी विस्तार पर जताई थी चिंता
इससे पहले शनिवार को ही शांग्री-ला डायलॉग में अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने एशिया में शक्ति संतुलन की बात कही थी. हेगसेथ ने एशिया-प्रशांत इलाके में चीन के तेजी से बढ़ते सैन्य विस्तार को लेकर भी चिंता जताई थी.
हेगसेथ ने कहा था कि अमेरिका एशिया में स्थिर संतुलन चाहता है. यह संतुलन ऐसा हो जो अमेरिका और उसके सहयोगियों के हितों की रक्षा करे और इस संतुलन के बीच चीन या कोई अन्य देश इन इलाकों पर अपना वर्चस्व ना थोप सके. हेगसेथ की ये चेतावनी और उसके तुरंत बाद आई चीन की हालिया कार्रवाई की जानकारी ने एशिया में गहमागहमी बढ़ा दी है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 31, 2026 03:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

