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PM Modi Mann Ki Baat: 'मन की बात' में पीएम मोदी की अपील, भीषण गर्मी में खुद को रखें हाइड्रेटेड, 'देसी ड्रिंक्स' और क्षेत्रीय आमों की तारीफ की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में देश भर में बढ़ रहे तापमान पर चिंता जताई. उन्होंने नागरिकों से हाइड्रेटेड रहने की अपील की और गर्मी से निपटने के लिए पारंपरिक 'देसी ड्रिंक्स' व भारतीय आमों की विविधताओं की सराहना की

PM Modi Mann Ki Baat: 'मन की बात' में पीएम मोदी की अपील, भीषण गर्मी में खुद को रखें हाइड्रेटेड, 'देसी ड्रिंक्स' और क्षेत्रीय आमों की तारीफ की
(Photo Credits ANI)

PM Modi Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 31 मई को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिए देश को संबोधित किया. देश के विभिन्न हिस्सों में लगातार बढ़ रहे तापमान और भीषण गर्मी के बीच, प्रधानमंत्री ने नागरिकों से स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने और खुद को हाइड्रेटेड रखने की अपील की. उन्होंने गर्मी से राहत पाने के लिए भारतीय रसोई के पारंपरिक और स्थानीय 'देसी पेय पदार्थों' (Desi Drinks) को अपनाने का सुझाव दिया. इसके साथ ही, उन्होंने देश के विभिन्न क्षेत्रों में पाए जाने वाले आमों की समृद्ध विविधता और किसानों के योगदान की सराहना की.

भीषण गर्मी में सावधानी बरतने की सलाह

देश भर में जारी लू और तेज धूप का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "अभी देश के ज्यादातर हिस्सों में बहुत गर्मी पड़ रही है. तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच इस मौसम में अपना ख्याल रखना बेहद जरूरी है. लगातार पानी पीते रहें." उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी काम से धूप में बाहर जाना भी पड़े, तो पूरी सावधानी के साथ जाएं और विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली गाइडलाइंस का पालन करना न भूलें.  यह भी पढ़े: Mann Ki Baat: मन की बात में PM मोदी की अपील, नागरिकों से ‘डिजिटल जनगणना 2027’ में भाग लेने का आग्रह, बताया कैसे खुद दर्ज कर सकते हैं डेटा

भारतीय रसोइयों में छिपा है गर्मी का समाधान

प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि भारत में मौसम बदलने के साथ ही खान-पान की आदतें भी बदल जाती हैं. उन्होंने कहा कि गर्मी से लड़ने का तरीका अक्सर हमारी अपनी रसोइयों में ही मिल जाता है. जैसे ही तापमान बढ़ता है, घरों में मिट्टी के घड़ों का पानी, दही का जमना और कच्चे आमों का उबलना शुरू हो जाता है, जो हमारे पारंपरिक और स्वदेशी पेय पदार्थों की शुरुआत का प्रतीक है. ये देसी ड्रिंक्स बिना किसी बड़ी ब्रांडिंग के, पीढ़ियों के अनुभव को समेटे हुए हैं.

'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की झलक देते पारंपरिक पेय

पीएम मोदी ने देश के विभिन्न राज्यों के लोकप्रिय पेय पदार्थों का उल्लेख करते हुए इन्हें 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना का प्रतीक बताया. उन्होंने देश के अलग-अलग हिस्सों के पारंपरिक ड्रिंक्स का जिक्र कुछ इस तरह किया:

  • उत्तर भारत: कच्चा आम पन्ना जो गर्मी से तुरंत राहत देता है.

  • पंजाब और हरियाणा: बड़े गिलासों में परोसी जाने वाली लस्सी.

  • राजस्थान और गुजरात: हर भोजन का मुख्य हिस्सा मानी जाने वाली छाछ.

  • बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश: पेट भरने और ताकत देने वाला सत्तू का शरबत.

  • कोंकण और गोवा: कोकम शरबत और सोलकढ़ी.

  • दक्षिण भारत: पनाकम, नीर मोर और संबरम.

  • ओडिशा: पारंपरिक बेल पना.

भारतीय आमों की वैश्विक यात्रा और किसानों की सराहना

गर्मियों के मौसम में आम की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में शायद ही कोई ऐसा घर होगा जहां इस मौसम में आम की बात न होती हो. हर क्षेत्र का अपना एक खास आम, उसका स्वाद और महक है. उन्होंने महाराष्ट्र के हापुस (अल्फांसो), गुजरात के केसर, उत्तर प्रदेश के दशहरी और काशी के लंगड़ा आम की विशेषताओं का जिक्र किया. साथ ही बिहार के जर्दालू, चौसा, मालदा और दक्षिण भारत के बंगनपल्ली, तोतापरी, नीलम व बंगाली हिमसागर जैसे नामों को साझा किया.

प्रधानमंत्री ने आम की खेती से जुड़े किसानों की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत का आम गांवों से निकलकर वैश्विक बाजारों तक पहुंच रहा है. उन्होंने आम उत्पादक किसान भाई-बहनों को देश की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए बेहद विशेष बताते हुए उनके प्रयासों की सराहना की.

(The above story first appeared on LatestLY on May 31, 2026 02:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).