Mann Ki Baat: मन की बात में PM मोदी की अपील, नागरिकों से ‘डिजिटल जनगणना 2027’ में भाग लेने का आग्रह, बताया कैसे खुद दर्ज कर सकते हैं डेटा
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Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 26 अप्रैल 2026 को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 133वें एपिसोड के माध्यम से देश को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने वर्तमान में चल रहे 'जनगणना 2027' (Census 2027) अभियान पर विशेष जोर दिया. प्रधानमंत्री ने इसे दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना बताते हुए कहा कि इस बार डेटा संग्रह की पूरी प्रक्रिया डिजिटल स्वरूप में की जा रही है, जो इसे पहले के अनुभवों से पूरी तरह अलग बनाती है. उन्होंने हर भारतीय से इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने की जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया.

पहली बार 'डिजिटल' तरीके से हो रही जनगणना

पीएम मोदी ने बताया कि जनगणना 2027 को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है और सभी जानकारियां सीधे डिजिटल फॉर्म में रिकॉर्ड की जा रही हैं. अब घर-घर आने वाले प्रगणकों (Enumerators) के पास कागज के बजाय एक विशेष मोबाइल ऐप होगा, जिसमें वे नागरिकों से बात कर जानकारी सीधे दर्ज करेंगे. प्रधानमंत्री ने कहा, "इस बार जानकारी दर्ज करना न केवल आधुनिक है, बल्कि यह समय की बचत भी करेगा और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगा."

'सेल्फ-एन्यूमरेशन' की सुविधा: खुद दर्ज करें अपना विवरण

इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता 'सेल्फ-एन्यूमरेशन' (Self-Enumeration) है. प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि नागरिकों के पास अब खुद अपनी जानकारी पोर्टल पर दर्ज करने का विकल्प होगा. प्रगणक के घर आने से 15 दिन पहले यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.

अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन जानकारी दर्ज करने के बाद नागरिकों को एक विशेष आईडी (ID) मिलेगी. यह आईडी मोबाइल या ईमेल पर भेजी जाएगी. जब प्रगणक घर आएंगे, तो केवल यह आईडी दिखाकर जानकारी को सत्यापित (Verify) किया जा सकेगा, जिससे दोबारा जानकारी देने की जरूरत नहीं पड़ेगी. पीएम के अनुसार, इससे प्रक्रिया सरल होगी और समय की बचत होगी.

डेटा सुरक्षा और गोपनीयता का भरोसा

जनगणना की गोपनीयता पर उठने वाले सवालों का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी पूरी तरह सुरक्षित है. उन्होंने कहा, "आपके द्वारा दी गई जानकारी गोपनीय रखी जाएगी और इसे उन्नत डिजिटल सुरक्षा के साथ संरक्षित किया गया है. यह सरकार का काम नहीं, बल्कि हम सबकी साझा जिम्मेदारी है." उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 1 करोड़ 20 लाख परिवारों की हाउस लिस्टिंग का काम पूरा हो चुका है.

जनगणना 2027 का महत्व

गौरतलब है कि 2027 की यह जनगणना भारत की 16वीं और आजादी के बाद की 8वीं दशकीय जनगणना है. यह दुनिया की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होने का गौरव भी प्राप्त करेगी. मूल रूप से यह 2021 में होनी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे स्थगित करना पड़ा था.

एक अन्य महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में, 1931 के बाद पहली बार इस जनगणना में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के अलावा अन्य सभी समूहों के लिए व्यापक जातिगत गणना को भी शामिल किया गया है. प्रधानमंत्री ने 'जनगणना 2027' को सफल बनाने के लिए सभी देशवासियों से सहयोग की अपील की है.