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डेटिंग ऐप बंबल पर हुई मुलाकात, होटल में बने संबंध, फिर लगा रेप का आरोप, कर्नाटक हाई कोर्ट ने रद्द किया केस

कर्नाटक हाई कोर्ट ने बंबल डेटिंग ऐप पर मिले एक जोड़े से जुड़े रेप केस को रद्द कर दिया है. महिला ने आरोप लगाया था कि उसने संबंध बनाने के दौरान अपनी सहमति वापस ले ली थी, लेकिन लड़के ने रेप किया. हालांकि, कोर्ट ने दोनों के बीच हुई चैट्स को देखकर यह माना कि जो कुछ भी हुआ, वह आपसी सहमति से हुआ था.

डेटिंग ऐप बंबल पर हुई मुलाकात, होटल में बने संबंध, फिर लगा रेप का आरोप, कर्नाटक हाई कोर्ट ने रद्द किया केस
Kerala High Court Decision (Photo Credits : X)

कर्नाटक हाई कोर्ट ने एक 23 साल के लड़के को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने उसके ऊपर चल रहे एक रेप केस को रद्द कर दिया है. यह केस एक ऐसी महिला ने दर्ज कराया था जिससे वो बंबल (Bumble) डेटिंग ऐप पर मिला था. महिला का आरोप था कि उसने संबंध बनाने के दौरान अपनी सहमति वापस ले ली थी, लेकिन लड़के ने उसकी बात नहीं मानी.

रिपोर्ट के मुताबिक, यह लड़का और शिकायत करने वाली महिला पिछले साल डेटिंग ऐप बंबल पर मिले थे. इसके बाद दोनों इंस्टाग्राम पर भी जुड़े रहे.

11 अगस्त को दोनों ने बाहर मिलने का फैसला किया. लड़का, महिला को उसके अपार्टमेंट से पिक करके एक होटल ले गया.

महिला ने क्या आरोप लगाए?

महिला ने 13 अगस्त को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. उसने कहा कि जब होटल के कमरे में लड़के ने उसे रिझाने की कोशिश की, तो उसने यौन संबंध बनाने के लिए अपनी सहमति तुरंत वापस ले ली (यानी 'ना' कह दिया).

महिला का आरोप था कि उसके 'ना' कहने के बावजूद, लड़के ने उसकी बात को नजरअंदाज किया और उसके साथ रेप किया. अगली सुबह, लड़के ने उसे वापस घर छोड़ दिया. महिला ने शिकायत में कहा कि बाद में उसे दर्द हुआ, वो अस्पताल गई और फिर उसने पुलिस केस (BNS की धारा 64 के तहत) दर्ज कराया.

कोर्ट ने केस क्यों रद्द किया?

जब यह मामला जस्टिस एम नागप्रसन्ना की बेंच के सामने आया, तो लड़के के वकील ने दलील दी कि जो कुछ भी हुआ, वह आपसी सहमति से हुआ था.

जज ने इस केस में सबसे अहम सबूत, यानी लड़के और महिला के बीच हुए चैट्स को देखा. जस्टिस नागप्रसन्ना ने कहा:

"ये चैट्स बहुत अच्छे टेस्ट में नहीं हैं और उन्हें कोर्ट के ऑर्डर में दोबारा लिखा नहीं जा सकता. लेकिन, ये चैट्स साफ तौर पर दिखाते हैं कि याचिकाकर्ता (लड़के) और शिकायतकर्ता (महिला) के बीच जो भी हुआ, वह पूरी तरह से आपसी सहमति से हुआ था."

हालांकि, राज्य सरकार के वकील ने केस को रद्द करने का विरोध किया था. उनका कहना था कि लड़के को ट्रायल (मुकदमे) में खुद को बेकसूर साबित करना चाहिए.

लेकिन, हाई कोर्ट ने दोनों के बीच हुई बातचीत (चैट्स) को सबसे बड़ा आधार माना और सुप्रीम कोर्ट के पिछले फैसलों का हवाला देते हुए लड़के के खिलाफ चल रहे रेप केस को रद्द करने का आदेश दे दिया.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 29, 2025 03:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).