जरुरी जानकारी

अटल पेंशन स्कीम में निवेश करने वाले लोगों को मिल सकती है बड़ी सौगात, मोदी सरकार बना रही है ये प्लान

अटल पेंशन योजना (एपीवाई) में पेंशन की सीमा और उम्र बढ़ाने के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार विचार कर रही है. यह प्रस्ताव पेंशन फंड रेगुलेटरी और डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) ने हाल ही में वित्त मंत्रालय भेजा है. अगर मोदी सरकार पीएफआरडीए के प्रस्ताव को हरी झंडी दे देती है तो रिटायर होने के बाद से जीवनभर आपको पैसों की टेंशन लेने की जरुरत नहीं पड़ेगी.

अटल पेंशन स्कीम में निवेश करने वाले लोगों को मिल सकती है बड़ी सौगात, मोदी सरकार बना रही है ये प्लान
रुपया (Photo Credits: Twitter/File)

नई दिल्ली: मोदी सरकार आने वाले समय में आम जनता को एक और खुशखबरी दे सकती है. दरअसल अटल पेंशन योजना (एपीवाई) में पेंशन की सीमा और उम्र बढ़ाने के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार विचार कर रही है. यह प्रस्ताव पेंशन फंड रेगुलेटरी और डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) ने हाल ही में वित्त मंत्रालय भेजा है. अगर मोदी सरकार पीएफआरडीए के प्रस्ताव को हरी झंडी दे देती है तो रिटायर होने के बाद से जीवनभर आपको पैसों की टेंशन लेने की जरुरत नहीं पड़ेगी.

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद को लिखित में बताया कि 'अटल पेंशन योजना के प्रस्ताव की सरकार द्वारा जांच की गई है.' अटल पेंशन योजना भारत सरकार से गारंटी प्राप्‍त पेंशन योजना है, जो पीएफआरडीए द्वारा संचालित की जा रही है. भारत सरकार इसके तहत मिलने वाले पेंशन से जुड़े लाभों की गारंटी देती है. 18 से 40 वर्ष के आयु समूह वाला कोई भी भारतीय नागरिक उन बैंकों अथवा डाक घरों की शाखाओं के जरिए इस योजना से जुड़ सकता है, जिसमें उसका बचत बैंक खाता है. एपीवाई के 3 साल पूरे होने पर इस स्‍कीम के सदस्‍यों की संख्‍या 1 करोड़ का आंकड़ा पार कचुकी थी.

यह भी पढ़े- अटल पेंशन योजना: जानिए क्या है नियम, जानकारी, योग्यता और इसके लाभ

इस मह्त्वकंशी योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 मई 2015 को कोलकाता में आयोजित एक समारोह में किया था. इस योजना के पीछे मोदी सरकार का उदेश्य देश के नागरिकों को गारंटीड पेंशन देना है. इस स्‍कीम अर्थात अटल पेंशन योजना के तहत असंगठित क्षेत्र के उन कामगारों पर फोकस किया जाता है, जिनकी हिस्‍सेदारी कुल श्रम बल में 85 प्रतिशत से भी अधिक है.

अटल पेंशन योजना के तहत 60 साल की उम्र पूरी होने पर प्रति माह 1000 रुपये या 2000 रुपये अथवा 3000 रुपये या 4000 रुपये अथवा 5000 रुपये की पेंशन मिलेगी. यह राशि सदस्‍यों द्वारा किए जाने वाले अंशदान पर निर्भर करेगी. इसके अलावा सदस्‍य के पत्‍नी या पति को भी पेंशन का अधिकार होगा. साथ ही नामित व्‍यक्ति भी संचित पेंशन राशि पाने का हकदार होगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 26, 2019 12:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).