Maharashtra Ladki Bahin Yojana: अजित पवार का बड़ा अपडेट, लाडली बहनों को 2100 नहीं फिलहाल 1500 ही मिलते रहेंगे
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 Maharashtra Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना (Mukhyamantri Ladki Bahin Yojana) के तहत अब तक मार्च महीने तक की 9वीं किस्त के पैसे लाभार्थी महिलाओं को मिल चुके हैं. लेकिन महिलाएं यह सवाल पूछ रही हैं कि सरकार ने जो 2100 रुपये देने का वादा किया गया था, उसका क्या हुआ. इस पर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम सीएम व वित्त मंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) का बड़ा अपडेट आया है.

लाडली बहनों को  1500 ही मिलते रहेंगे

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम सीएम व वित्त मंत्री अजित पवार ने महाराष्ट्र के बीड जिले में अपने दौरे के दौरान कहा, "लाडली बहनों को फिलहाल 1500 रुपये दिए जा रहे हैं, लेकिन जब आर्थिक हालात सुधरेंगे, तब इसे बढ़ाने पर जरूर विचार किया जाएगा." अजित पवार के इस बयान से यह साफ हो गया है कि लाडली बहनों को 2100 रुपये की किस्त कब से मिलेगी, इसका कोई स्पष्ट जवाब फिलहाल नहीं है. यह भी पढ़े: Maharashtra Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र में लाड़ली बहनों के लिए बड़ी निराशा, 90,000 फॉर्म रिजेक्ट

पिछले साल जुलाई में हुई थी इस योजना की  शुरुआत

पिछले साल जुलाई में, तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली सरकार ने मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना की घोषणा की थी. इसके बाद, लगभग ढाई करोड़ महिलाओं के खातों में हर महीने 1500 रुपये जमा किए जा रहे हैं. हालांकि, इस योजना के चलते सरकार के खजाने पर भारी बोझ पड़ने की बातें भी सामने आ रही हैं, और यही कारण है कि सरकार अभी तक 2100 रुपये देने का वादा पूरा नहीं कर पाई है.

चुनाव से पहले किया गया 2100 रुपये का वादा

महाराष्ट्र विधानसभ चुनाव से पहले महायुति सरकार के नेताओं ने लाडकी बहिन योजना की राशि को 1500 रुपये से बढ़ाकर 2100 रुपये करने का वादा किया था. यह योजना नवंबर में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी नीत महायुति गठबंधन के लिए एक गेमचेंजर साबित हुई थी, जिसके कारण महायुति को प्रचंड जीत मिली और सरकार सत्ता में वापस आई। हालांकि, अब अपने वादे को न निभाने पर लाभार्थी महिलाएं काफी नाराज हैं.

विपक्ष का हमला:

लाडकी बहनों को 2100 रुपये नहीं देने को लेकर विपक्ष भी सरकार को घेर रहा है. विपक्ष का कहना है कि सरकार ने लाखों महिलाओं से झूठे वादे किए, उनका वोट लिया, लेकिन अब अपने वादों को पूरा नहीं कर रही है.