Ladki Bahin Yojana Update: महाराष्ट्र में लाडकी बहनों के लिए खुशखबरी!  रक्षाबंधन से पहले इस डेट को जारी होगी जुलाई महीने की 13वीं क़िस्त, ऐसे चेक करें बैलेंस
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Ladki Bahin Yojana Update:  महाराष्ट्र सरकार की "लाडकी बहन योजना" के तहत राज्य की लाखों महिलाओं के लिए रक्षाबंधन से पहले बड़ी खुशखबरी है. जुलाई महीने की 13वीं किस्त के रूप में ₹1500 की राशि पात्र महिलाओं के बैंक खातों में रक्षाबंधन (9 अगस्त 2025) से पहले जमा की जाएगी. महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे ने हाल ही में X (पूर्व ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर महिलाओं के खातों में भेज दी जाएगी.

योजना की पात्रता और लाभ

यह योजना 21 से 65 वर्ष की महिलाओं के लिए चलाई जा रही है. योजना की शुरुआत से अब तक पात्र महिलाओं को ₹1500 प्रति माह की दर से 12 किस्तें दी जा चुकी हैं. अब 13वीं किस्त की राशि जारी की जायेगी. इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे अपने रोजमर्रा के खर्चों को आत्मनिर्भरता से पूरा कर सकें. यह भी पढ़े: Ladki Bahin Yojana 13th Installment: महाराष्ट्र में लाडकी बहनों के खाते में रक्षाबंधन से पहले आएगी जुलाई की किस्त, जानें डेट!

फर्जी लाभार्थियों पर सख्त कार्रवाई

हालांकि, इस बार सभी महिलाओं को किस्त नहीं मिलेगी. सरकार की जांच में सामने आया है कि 26.34 लाख लोगों ने फर्जी तरीके से योजना का लाभ उठाया, जिनमें से करीब 14,000 पुरुष भी शामिल थे. ऐसे सभी फर्जी लाभार्थियों को लाभार्थी सूची से हटा दिया गया है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि आगे से केवल योग्य और सत्यापित महिलाओं को ही योजना का लाभ मिलेगा. यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देकर इस योजना का लाभ लेता है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

कैसे करें बैलेंस चेक?

जिन महिलाओं को किस्त मिलने वाली है, वे अपना खाता बैलेंस निम्नलिखित तरीकों से जांच सकती हैं:

  • ATM मशीन के जरिए

  • बैंक शाखा जाकर

  • मोबाइल बैंकिंग ऐप से

  • कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करके

 बताना चाहेंगे कि लाडकी बहन योजना की  राशि DBT के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है.

 करीब 2.25 करोड़ महिलाओं को मिल रहा है इस योजना का लाभ

स योजना के तहत पहले करीब 2.5 करोड़ महिलाओं को लाभ मिल रहा था, लेकिन जांच में गड़बड़ियां सामने आने के बाद आंकड़ा करीब सवा दो करोड़ हो गया था. लेकिन एक बार फिर   26.34 लाख फर्जी नामों को हटाया गया, जिससे यह आंकड़ा अब घटकर करीब 2 करोड़ हो सकता है. हालांकि सरकार का लक्ष्य है कि हर पात्र महिला तक यह सहायता समय पर पहुंचे, ताकि कोई भी जरूरतमंद महिला इस योजना से वंचित न रह जाए.