इंदौर: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर (Indore) से जल संकट (Water Crisis) और प्रदूषण (Pollution) की एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है. मालवा मिल क्षेत्र के पास स्थित बेकरी गली (Bakery Gali) के निवासियों ने नगर निगम (Municipal council) की जल आपूर्ति प्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके घरों में आने वाला पानी न केवल काला और बदबूदार है, बल्कि उसमें लाल कीड़े और गंदगी भी साफ देखी जा सकती है. इस दूषित पानी (Contaminated Water) के सेवन से इलाके में बच्चे और बुजुर्ग तेजी से बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं. यह भी पढ़ें: Indore Contaminated Water: इंदौर में दूषित पानी पीने से 13 की मौत और हजारों बीमार, विपक्ष ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की
नलों से निकल रहे 'लाल कीड़े' और कचरा
बेकरी गली के निवासियों ने बताया कि सुबह जब नल खुलते हैं, तो शुरुआती समय में बेहद गंदा और काला पानी आता है. एक स्थानीय निवासी के अनुसार, ‘पानी इतना दूषित है कि उसे चार परतों वाले कपड़े से छानने के बाद भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. नलों से लाल रंग के कीड़े और कभी-कभी छोटे मृत जीवों के अवशेष भी निकलते हैं.’
निवासियों का कहना है कि पानी की पाइपलाइन में कहीं न कहीं सीवेज का रिसाव हो रहा है, जिसकी वजह से नर्मदा का शुद्ध जल भी घरों तक पहुँचते-पहुँचते जहरीला हो रहा है.
सेहत पर भारी पड़ रहा दूषित जल
दूषित पानी के कारण क्षेत्र में उल्टी, दस्त, पेट में संक्रमण और त्वचा संबंधी रोगों के मामले बढ़ गए हैं. महिलाओं का कहना है कि इस पानी से बर्तन धोना या खाना बनाना तो दूर, यह नहाने के लायक भी नहीं है.
- बच्चों का स्वास्थ्य: इलाके के लगभग हर घर में बच्चे बीमार हैं.
- फिल्ट्रेशन की समस्या: आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के पास महंगे वॉटर प्यूरीफायर नहीं हैं, और उबालने के बावजूद पानी की दुर्गंध कम नहीं हो रही है. यह भी पढ़ें: Indore Shocker: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी पीने से 8 लोगों की मौत, 34 से ज्यादा हॉस्पिटल में एडमिट, मचा हाहाकार
प्रशासन की कार्रवाई और जमीनी हकीकत
हाल ही में इंदौर के अपर आयुक्त आशीष पाठक और आकाश सिंह ने भागीरथपुरा जैसे प्रभावित इलाकों का दौरा किया था, जहाँ दूषित पानी से कुछ मौतों की खबरें भी आई थीं. प्रशासन वहां घर-घर जाकर सर्वे कर रहा है और टैंकरों के माध्यम से साफ पानी पहुंचाने का दावा कर रहा है.
हालांकि, बेकरी गली के लोगों का कहना है कि उनके क्षेत्र में अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है. जब तक पाइपलाइन के लीकेज को पूरी तरह ठीक नहीं किया जाता, तब तक यह संकट बना रहेगा.
बरसात में बढ़ जाती है समस्या
स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के मौसम में यह स्थिति और भी भयावह हो जाती है. पानी पूरी तरह काला हो जाता है और नलों के चलने का समय भी काफी कम है. निवासियों ने नगर निगम से मांग की है कि जल्द से जल्द नई पाइपलाइन बिछाई जाए और जल शुद्धिकरण की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.













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