अजय देवगन की फिल्म 'दृश्यम' देखकर उतारा युवती को मौत के घाट, बीजेपी नेता समेत 5 आरोपी गिरफ्तार
एक्स्ट्रा मैरिटल अफेसर को लेकर हुई कलह के चलते युवती की हत्या करने के दो साल पुराने मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने शनिवार को स्थानीय बीजेपी नेता और उसके तीन बेटों समेत पांच लोगों को धर दबोचा. पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने अजय देवगन की मशहूर थ्रिलर फिल्म "दृश्यम" (2015) देखकर हत्याकांड की साजिश रची थी.
इंदौर: अजय देवगन (Ajay Devgan) की फिल्म 'दृश्यम' (Film Drishyam) से प्रेरित होकर एक युवती को मौत (Murder) के घाट उतारने के मामले में पुलिस (Police) ने बीजेपी नेता (BJP Leader) समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया है. एक्स्ट्रा मैरिटल अफेसर (Extra Marital Affair) को लेकर हुई कलह के चलते युवती की हत्या करने के दो साल पुराने मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने शनिवार को स्थानीय बीजेपी नेता और उसके तीन बेटों समेत पांच लोगों को धर दबोचा. पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने अजय देवगन की मशहूर थ्रिलर फिल्म "दृश्यम" (2015) देखकर हत्याकांड की साजिश रची थी.
पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) हरिनारायणचारी मिश्रा ने संवाददाताओं को बताया कि बाणगंगा क्षेत्र में रहने वाली ट्विंकल डागरे (22) की हत्या के मामले में भाजपा नेता जगदीश करोतिया उर्फ कल्लू पहलवान (65), उसके तीन बेटों-अजय (36), विजय (38) और विनय (31) और उसके साथी नीलेश कश्यप (28) को गिरफ्तार किया गया है.
उन्होंने बताया कि अन्य महिला से पहले से विवाहित करोतिया के ट्विंकल के साथ कथित तौर पर नाजायज रिश्ते थे. ट्विंकल बीजेपी नेता के साथ उसके घर में रहना चाहती थी. इस बात पर बीजेपी नेता के परिवार में आये दिन कलह होती रहती थी.
मिश्रा ने कहा कि कलह से परेशान करोतिया और उसके बेटों ने दृश्यम फिल्म देखकर ट्विंकल की हत्या की साजिश रची. उन्होंने 16 अक्टूबर 2016 को रस्सी के फंदे से युवती का गला घोंट दिया, फिर उसकी लाश को जला दिया. यह भी पढ़ें: दिल्ली: बेटी की कब्र पर फातिहा पढ़ने गए बाप के सिर में बदमाशों ने मारी गोली, अस्पताल में मौत
उन्होंने बताया कि जिस जगह युवती की लाश जलायी गयी थी, वहां से पुलिस ने उसकी बिछिया और ब्रेसलेट बरामद किया है. डीआईजी ने बताया, "हमें पता चला है कि आरोपियों ने हत्याकांड की साजिश रचने के दौरान दृश्यम फिल्म देखी थी. उन्होंने इस फिल्म के एक सीन की तर्ज पर कुत्ते के शव को एक स्थान पर गाड़ दिया था, फिर यह बात जान-बूझकर फैला दी थी कि उन्होंने गड्ढे में किसी का शव गाड़ा है.
उन्होंने बताया कि जब पुलिस ने इस स्थान की खुदाई करायी, तो वहां से कुत्ते के शव के अवशेष बरामद किए गए. इससे पुलिस की जांच कुछ समय के लिये भटक गई. मिश्रा ने बताया कि वैज्ञानिक तरीके से मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए गुजरात की एक प्रयोगशाला में करोतिया और उनके दो बेटों का ब्रेन इलेक्ट्रिकल आसलेशन सिग्नेचर (बीईओएस) टेस्ट कराया गया. शहर के इतिहास में किसी आपराधिक वारदात को सुलझाने के लिये पहली बार बीईओएस टेस्ट कराया गया.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 12, 2019 07:15 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

