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वर्ल्ड चाइल्डहुड इंडेक्स में भारत की रैंकिंग में आया सुधार, पहुंचा 113वें स्थान पर

भारत ने वर्ल्ड चाइल्डहुड इंडेक्स में अपनी रैंकिंग में सुधार किया है, लेकिन वैश्विक बाल अधिकार समूह सेव द चिल्ड्रेन द्वारा 175 देशों की सूची में देश 113वें स्थान पर पहुंच गया है.

वर्ल्ड चाइल्डहुड इंडेक्स में भारत की रैंकिंग में आया सुधार, पहुंचा 113वें स्थान पर
(Photo Credits: File Photo)

नई दिल्ली: भारत ने वर्ल्ड चाइल्डहुड इंडेक्स में अपनी रैंकिंग में सुधार किया है, लेकिन वैश्विक बाल अधिकार समूह सेव द चिल्ड्रेन द्वारा 175 देशों की सूची में देश 113वें स्थान पर पहुंच गया है. 2017 में भारत इस सूची में 116वें स्थान पर था. गुरुवार को जारी हुई 'एंड ऑफ चाइल्डहुड' शीर्षक वाली रिपोर्ट में बाल विवाह दर में कमी के लिए भारत की उपलब्धि की सराहना की गई. बाल विवाह सूचकांक में बेहतर स्थान पाने में योगदान करने वाला एक प्रमुख कारक था.

भारत की जनगणना के अनुसार, इसमें यह कहा गया है हालांकि पोषण, शिशु मृत्युदर और बालश्रम देश में गंभीर चिंता का विषय बना रहा है. देश में वर्ष 2016 में पांच साल की कम उम्र के बच्चे की मृत्युदर प्रति 1000 बच्चों पर 43 थीं, जबकि भरात की जनसंख्या में इसी वर्ष प्रति 1000 जन्मे नवजातों में 39 नवजात की मौत दर्ज की गई.

रिपोर्ट में जिस अन्य चुनौती का उल्लेख किया गया वह है किशोरावस्था गर्भावस्था. भारत में 15 से 19 साल की उम्र की एक हजार लड़कियों में से 23.3 फीसदी लड़कियां बच्चों को जन्म देती हैं.

सेव द चिल्ड्रेन इंडिया की सीईओ विदिशा पिल्लई ने कहा, "बाल विवाह में कमी के माध्यम से भारत की प्रगति सूचक को देखकर हमें काफी खुशी है. हालांकि भारत में 30 फीसदी लड़कियों का विवाह अभी भी 18 साल की उम्र से कम में हो जाता है."

उन्होंने कहा, "देश में अभी भी कई बच्चे एक लड़की या गरीब होने के कारण सुविधाओं से वंचित हैं. जल्दी विवाह, बाल मजदूरी और कुपोषण कुछ एसी वजह हैं, जिनके कारण बच्चे अपने बचपन से वंचित रह जाते हैं."

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 01, 2018 02:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).