'भारत भगवान बुद्ध की परंपराओं का जीवित संवाहक': पीएम मोदी ने दिल्ली में 'पवित्र पिपरहवा अवशेष' प्रदर्शनी का किया उद्घाटन (Watch Video)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेषों की भव्य अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया. इस अवसर पर उन्होंने भारत को बौद्ध विरासत का 'जीवित संवाहक' बताते हुए नई पीढ़ी को इन मूल्यों से जोड़ने पर जोर दिया.

पीएम मोदी (Photo Credits: X/@narendramodi)

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने शनिवार, 3 जनवरी 2026 को दिल्ली (Delhi) के राय पिथौरा सांस्कृतिक परिसर (Rai Pithora Cultural Complex) में भगवान बुद्ध (Gautam Buddha) से जुड़े पवित्र पिपरहवा अवशेषों (Piprahwa Relics) की भव्य अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी ‘द लाइट एंड द लोटस: रिलिक्स ऑफ द अवेकन्ड वन’ का उद्घाटन किया. इस दौरान पीएम मोदी ने एक वैश्विक संदेश देते हुए कहा कि भारत केवल भगवान बुद्ध की विरासत का संरक्षक ही नहीं, बल्कि उनकी परंपराओं का ‘जीवित संवाहक’ भी है.

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत का दुनिया के साथ रिश्ता केवल राजनीति या अर्थशास्त्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिल, आस्था और आध्यात्मिकता के गहरे संबंधों पर आधारित है. यह भी पढ़ें: नमो भारत के लिए 2025 बना ऐतिहासिक और उपलब्धियों से भरा वर्ष, 2 करोड़ से ज्यादा कंप्यूटर ट्रिप्स का आंकड़ा पार

पीएम मोदी ने भगवान बुद्ध से संबंधित पवित्र पिपरहवा अवशेषों की भव्य अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी का किया उद्घाटन 

पिपरहवा अवशेष: 127 साल बाद ऐतिहासिक पुनर्मिलन

इस प्रदर्शनी की सबसे बड़ी विशेषता 127 साल पहले भारत से बाहर ले जाए गए 'रत्न अवशेषों' (Gem Relics) की घर वापसी है.

बौद्ध विरासत का वैश्विक विस्तार

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में अपनी विदेश यात्राओं का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने किस प्रकार बुद्ध की विरासत को वैश्विक स्तर पर साझा किया है.

देश के भीतर बौद्ध सर्किट और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर

सरकार पिछले एक दशक से देश के भीतर बौद्ध स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ रही है.

युवाओं से जुड़ने का आह्वान

प्रधानमंत्री ने देश के स्कूल और कॉलेज के छात्रों से इस प्रदर्शनी को देखने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी हमारे गौरवशाली अतीत को भविष्य के सपनों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है. गुजरात के वडनगर और जम्मू-कश्मीर के बारामूला में मिले नए बौद्ध अवशेषों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि भारत अपनी जड़ों को खोजने और उन्हें सहेजने का काम निरंतर जारी रखेगा. यह प्रदर्शनी आम जनता के लिए 4 जनवरी से अगले दो महीनों तक खुली रहेगी.

Share Now

\