COVID-19 Vaccine Updates: स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने बताया भारत में कोरोना वैक्सीन देने का पूरा प्लान, जनवरी से शुरू हो सकता है टीकाकरण
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने सोमवार को कहा कि भारत में कोरोना वायरस का चरम बीत चुका है. महामारी से उपजी तकलीफे खत्म होने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं. हालांकि उन्होंने फिर भी सावधानी बरतने की जरूरत पर बल दिया.
नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन (Dr Harsh Vardhan) ने सोमवार को कहा कि भारत में कोरोना वायरस का चरम बीत चुका है. महामारी से उपजी तकलीफे खत्म होने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं. हालांकि उन्होंने फिर भी सावधानी बरतने की जरूरत पर बल दिया. हर्षवर्धन ने दावा किया कि भारत कोविड-19 वैक्सीन के विकास और रिसर्च में किसी से पीछे नहीं है. वैक्सीन की सुरक्षा, प्रभावशीलता, प्रतिरक्षाजनकता को लेकर भारत किसी तरह का कोई समझौता नहीं करेगा. इस के लिए देश के रेगुलेटर बहुत गहराई और गंभीरता से आंकड़ों का अध्ययन कर रहे हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री बताया कि जनवरी महीने में भारत कोरोना वैक्सीन का पहला शॉट देने की स्थिति में हो सकता हैं. कई देशों ने कोरोना वायरस के नए प्रकार के डर से ब्रिटेन की उड़ानों पर रोक लगाई
भारत में महामारी के हालात की जानकारी देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि मुझे लगता है कि जितनी तकलीफों से हम गुजरे हैं अब वो खत्म होने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं. इतना बड़ा देश होते हुए दुनिया के दूसरे बड़े देशों के मुकाबले भारत बेहतर स्थिति में है. कुछ महीनों पहले देश में कोरोना वायरस के 10 लाख सक्रिय मामले थे, अभी देश में करीब 3 लाख सक्रिय मामले हैं. कोरोना वायरस के एक करोड़ मामलों में से 95 लाख से ज़्यादा मामले ठीक हो चुके हैं. हमारा रिकवरी रेट दुनिया में सबसे ज़्यादा है. जबकि दुनियाभर में कोरोना से सबसे कम मौतें भारत में हुई है.
#WATCH | Our first priority has been safety & effectiveness of vaccines. We don't want to compromise on that. I personally feel, maybe in any week of January, we can be in position to give first COVID vaccine shot to people of India: Union Health Minister Dr Harsh Vardhan to ANI pic.twitter.com/PEtMgqptYJ
— ANI (@ANI) December 21, 2020
न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों के परामर्श के बाद कोरोना वैक्सीन के लिए 30 करोड़ लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी. इसमें स्वास्थ्य कर्मचारी, फ्रंटलाइन वर्कर्स जैसे पुलिस, सैन्य और स्वच्छता कर्मचारी, 50 साल से ऊपर के लोग शामिल है. जबकि 50 साल से कम उम्र के उन लोगों को भी कोविड-19 वैक्सीन दी जाएगी, जो कुछ बीमारियों से पीड़ित हैं.
हर्षवर्धन ने बताया कि केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर पिछले चार महीनों से राज्य, जिला और ब्लॉक स्तरों पर कोरोना वैक्सीन देने की तैयारियां कर रही है. हमने राज्य, जिला और ब्लॉक स्तरों पर टास्क फोर्स का गठन किया है. देशभर में हजारों मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षित किए गए हैं. हमने राज्य स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित किया है और लगभग 260 जिलों में 20,000 से अधिक स्वास्थ्य वर्कर्स को प्रशिक्षित किया है.
उन्होंने बताया कि कोरोना वैक्सीन सभी को देना हमारा प्रयास है, लेकिन जो लोग इसे किसी संकोच के चलते नहीं लेने का फैसला करते है, हम उन्हें मजबूर नहीं कर सकते है. हम लोगों के हर प्रश्न का जवाब देंगे. अभी कोविड-19 वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए फाइजर (Pfizer) को अनुमति दी जा सकती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 21, 2020 09:08 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

