late ITR filing Penalty: आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करने की अंतिम तारीख नॉन-ऑडिट (Non-Audit) मामलों के लिए अब केवल चार दिन दूर है. वित्त वर्ष 2025-26 (AY26) के लिए आईटीआर फाइलिंग की डेडलाइन 15 सितंबर 2025 तक बढ़ाई गई थी, क्योंकि आईटीआर फॉर्म में कई बदलाव किए गए थे. हालांकि, कई लोग उम्मीद कर रहे हैं कि डेडलाइन फिर से बढ़ाई जाएगी, लेकिन इसके होने की संभावना बहुत कम है.
यदि आप आईटीआर को आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल (Income Tax E-Filing Portal) पर डेडलाइन के बाद फाइल करते हैं, तो आपको जुर्माना और अन्य शुल्क का सामना भी करना पड़ सकता है.
देर से आईटीआर फाइल करने पर लागू होने वाले जुर्माने और दंड
सालाना आय 5 लाख रुपये से कम होने पर
यदि आप डेडलाइन के बाद आईटीआर फाइल करते हैं, तो आपको 5,000 रुपये का लेट फीस देना होगा. इससे बचने के लिए अपनी आयकर रिटर्न समय पर फाइल करना सबसे बेहतर विकल्प है.
सालाना आय 5 लाख रुपये से अधिक होने पर
यदि आपकी सालाना आय 5 लाख रुपये से अधिक है, तो देर से आईटीआर फाइल करने पर आपको 5,000 रुपये का जुर्माना देना होगा.
कुछ टैक्स डिडक्शंस का नुकसान
यदि आप देर से आईटीआर फाइल करते हैं, तो आप सेक्शन 10A, 10B, 80-IA, 80-IB, 80-IC, 80-ID, 80-IE के तहत टैक्स डिडक्शंस (Tax Deductions) का दावा नहीं कर पाएंगे. इससे आपकी टैक्स बचत प्रभावित होगी, इसलिए समय पर रिटर्न फाइल करना बेहद जरूरी है.
ब्याज का प्रावधान
सेक्शन 234A के तहत, यदि आपका टैक्स समय पर नहीं भरा गया है, तो अनपेड टैक्स (Unpaid Tax) पर हर महीने 1% ब्याज देना होगा.
रिफंड प्रोसेसिंग में देरी
देर से आईटीआर फाइल करने पर आपके टैक्स रिफंड की प्रक्रिया में भी देर हो सकती है. इसलिए समय पर रिटर्न फाइल करे,
लॉस कैरी फॉरवर्ड नहीं होगा
यदि आप आईटीआर फाइलिंग की डेडलाइन मिस करते हैं, तो कुछ स्रोतों जैसे बिजनेस और कैपिटल गेन (Capital Gain) के नुकसान को अगले साल कैरी फॉरवर्ड (Carry Forward) नहीं किया जा सकेगा.
अगर आप डेडलाइन मिस कर दें तो क्या करें?
बिलेटेड रिटर्न फाइल करें
यदि आप डेडलाइन मिस कर देते हैं, तो आप 31 दिसंबर 2025 तक बिलेटेड रिटर्न फाइल (Billeted Return File) कर सकते हैं. हालांकि, सेक्शन 234F के तहत लेट फाइलिंग का जुर्माना लागू होगा, जिसमें सालाना आय के आधार पर 5,000 रुपये तक का शुल्क और अनपेड टैक्स पर ब्याज भी देना होगा.
अपडेटेड रिटर्न (आईटीआर-यू) फाइल करें
अगर बिलेटेड रिटर्न की डेडलाइन भी मिस हो जाए, तो आप सेक्शन 139(8A) के तहत संबंधित असेसमेंट ईयर की समाप्ति के 48 महीने के भीतर आईटीआर-यू (ITR-U) फाइल कर सकते हैं. हालांकि, यह विकल्प केवल विशेष परिस्थितियों में ही उपलब्ध है, और इसके साथ आपको अतिरिक्त टैक्स भरना होगा.
सबसे बेहतर तरीका यह है, कि आप आईटीआर को समय पर, यानी 15 सितंबर 2025 से पहले फाइल करें. इससे आप जुर्माना, ब्याज, रिफंड में देरी और डिडक्शन के नुकसान से बच सकते हैं. समय पर आईटीआर फाइल करना न सिर्फ आपके टैक्स रिकॉर्ड को साफ रखता है, बल्कि किसी भी संभावित नोटिस या दंड से बचने का भी सुरक्षित तरीका है.













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