करदाताओं के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. इनकम टैक्स विभाग ने असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए टैक्स फाइल करने की अंतिम तारीख बढ़ा दी है. यह निर्णय सरकार ने उद्योग जगत की मांग और देश के कई राज्यों में चल रही प्राकृतिक आपदाओं व भारी बारिश की स्थिति को देखते हुए लिया है. पहले विभाग ने 25 सितंबर को ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की समयसीमा एक माह बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2025 कर दी थी. अब, ऑडिट कराने वाले करदाताओं और कंपनियों के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की नई अंतिम तारीख 10 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है.
इनकम टैक्स विभाग ने बढ़ाई आईटीआर फाइल करने की डेडलाइन
बुधवार को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने घोषणा की कि असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए उन कंपनियों, फर्मों और करदाताओं को अब 10 दिसंबर 2025 तक आयकर रिटर्न दाखिल करने की अनुमति होगी, जिन्हें ऑडिट रिपोर्ट जमा करनी होती है. इसके साथ ही, ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की नई अंतिम तिथि 10 नवंबर 2025 तय की गई है.
आयकर अधिनियम (Income Tax Act) के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में जिन कंपनियों, फर्मों और प्रोप्राइटरशिप यूनिट्स को ऑडिट करवाना जरूरी होता है, उन्हें हर साल 31 अक्टूबर तक रिटर्न दाखिल करना होता है. वहीं, व्यक्तिगत करदाताओं (Individual Taxpayers) और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUFs) के लिए यह समय सीमा 31 जुलाई निर्धारित होती है. इस बार विभाग ने उद्योग जगत की मांग और कई राज्यों में प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया है, ताकि करदाताओं को अपने वित्तीय दस्तावेज पूरे करने और समय पर रिटर्न फाइल करने के लिए अतिरिक्त समय मिल सके.
क्यों बढ़ाई गई टैक्स फाइलिंग की तारीख?
आयकर विभाग ने यह फैसला उद्योग जगत की लगातार मांग और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित राज्यों में करदाताओं को राहत देने के उद्देश्य से लिया है. हाल के दिनों में देश के कई राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं के कारण व्यापारिक गतिविधियाँ और लेखा प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. ऐसी परिस्थितियों में करदाताओं को अपने दस्तावेज और ऑडिट रिपोर्ट तैयार करने में दिक्कतें आ रही थीं.
इन्हीं कारणों को ध्यान में रखते हुए विभाग ने करदाताओं को अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया है. इससे पहले, 25 सितंबर 2025 को विभाग ने ऑडिट रिपोर्ट फाइल करने की समय सीमा एक माह बढ़ाकर 31 अक्टूबर की थी, लेकिन अब इसे फिर से बढ़ाकर 10 नवंबर 2025 कर दिया गया है. यह कदम करदाताओं और व्यवसायों दोनों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा.
व्यक्तिगत करदाताओं के लिए पहले ही बढ़ाई जा चुकी थी समय सीमा
इससे पहले, असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए व्यक्तिगत करदाताओं और हिंदू अविभाजित परिवारों के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 16 सितंबर 2025 कर दी गई थी. इस अवधि के दौरान करदाताओं की ओर से जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली. विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 7.54 करोड़ से अधिक रिटर्न दाखिल किए गए, जिनमें से 1.28 करोड़ करदाताओं ने स्वयं असेसमेंट टैक्स (Self-Assessment Tax) का भुगतान किया. यह दर्शाता है, कि बड़ी संख्या में करदाता समय पर अपने टैक्स दायित्वों को पूरा करने के प्रति जागरूक हैं.
क्या है नया टैक्स फाइलिंग शेड्यूल?
| श्रेणी | पुरानी अंतिम तिथि | नई अंतिम तिथि |
| ऑडिट कराने वाले करदाता | 31 अक्टूबर 2025 | 10 दिसंबर 2025 |
| ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की तिथि | 31 अक्टूबर 2025 | 10 नवंबर 2025 |
| व्यक्तिगत करदाता / हिंदू अविभाजित परिवार | 31 जुलाई 2025 | 16 सितंबर 2025 |
इनकम टैक्स विभाग के इस फैसले से लाखों कंपनियों, फर्मों और टैक्स ऑडिट कराने वाले करदाताओं को राहत मिली है. यह कदम उन राज्यों के लिए भी बड़ी राहत साबित होगा, जहाँ हाल के महीनों में प्राकृतिक आपदाओं और मौसम संबंधी व्यवधानों के कारण समय पर टैक्स फाइल करना मुश्किल हो गया था.
विभाग ने सभी करदाताओं से अपील की है कि वे नई समय सीमा के भीतर अपने रिटर्न और ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करें, ताकि भविष्य में किसी तरह की पेनल्टी या ब्याज से बचा जा सके.













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