आईआईटी दिल्ली ने कोविड-19 जांच के लिए सबसे सस्ती किट तकनीक का कराया पेटेंट
कोरोना की तीसरी लहर और संभावित खतरे के मद्देनजर वायरस के प्रकोप को कम करने के लिए सरकार के साथ ही देश के प्रौद्योगिकी संस्थान भी तैयारी में लगे हुए हैं. इस बीच आईआईटी दिल्ली द्वारा विकसित सस्ती और सटीक रैपिड एंटीजन जांच किट लॉन्च की गई है.
कोरोना की तीसरी लहर और संभावित खतरे के मद्देनजर वायरस के प्रकोप को कम करने के लिए सरकार के साथ ही देश के प्रौद्योगिकी संस्थान भी तैयारी में लगे हुए हैं. इस बीच आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) द्वारा विकसित सस्ती और सटीक रैपिड एंटीजन जांच किट लॉन्च की गई है. आईआईटी द्वावा विकसित जांत किट आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ी सफलता में से एक है.
जांच किट की कीमत सिर्फ 50 रुपये
शिक्षा राज्य मंत्री संजय धोत्रे ने शुक्रवार को कोविड के लिए आईआईटी दिल्ली द्वारा विकसित रैपिड एंटीजन जांच किट लॉन्च की. इस रैपिड एंटीजन जांच किट की कीमत सिर्फ 50 रुपये है और 100 प्रतिशत स्वदेशी रूप से विकसित और निर्मित है. रैपिड एंटीजन जांच किट को आईआईटी दिल्ली के सेंटर फॉर बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर डॉ. हरपाल सिंह के नेतृत्व में शोधकर्ताओं द्वारा विकसित किया गया है.
प्रौद्योगिकी को आईआईटी दिल्ली ने कराया पेटेंट
आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर वी. रामगोपाल राव ने कहा, ‘कोविड-19 के लिए अब संस्थान द्वारा 50 रुपये की लागत से एक रैपिड डायग्नोस्टिक किट लॉन्च की जा रही है. प्रौद्योगिकी को आईआईटी दिल्ली द्वारा पेटेंट कराया गया है.’
स्वदेशी किट के लिए शिक्षा राज्य मंत्री ने दी बधाई
किट को लॉन्च किए जाने के मौके पर आईआईटी दिल्ली के शोधकर्ताओं और उसके विनिर्माण भागीदारों को बधाई देते हुए राज्य मंत्री संजय धोत्रे ने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि यह तकनीक देश में कोविड परीक्षण उपलब्धता में क्रांति लाएगी. मुझे यह जानकर खुशी हुई कि इस किट को पूरी तरह से आईआईटी दिल्ली में आंतरिक संसाधनों का उपयोग करके विकसित किया गया है.”
शिक्षा राज्य मंत्री धोत्रे ने शोधकर्ता प्रो. हरपाल सिंह और डॉ. दिनेश कुमार को भी बधाई दी. इसके अलावा उन्होंने स्वदेशी रूप से विकसित तकनीकों और भारत में बने उत्पादों का उपयोग करके महामारी से लड़ने में देश को आत्मनिर्भर बनने में सहायता करने के लिए आईआईटी दिल्ली को भी धन्यवाद दिया. यह भी पढ़ें : Nagpur: OBC आरक्षण के पक्ष में BJP का विरोध प्रदर्शन, पुलिस ने देवेंद्र फणसवीस को हिरासत में लिया
किट की खासियत और कैसे करेगा काम?
प्रोफेसर हरपाल सिंह ने आईसीएमआर की प्रमाणित इस प्रौद्योगिकी की मुख्य विशेषताओं का उल्लेख किया:
1. इस किट का उपयोग सार्स-सीओवी-2 एंटीजन के इन विट्रो गुणात्मक अनुसंधान करने के लिए किया जाता है.
2. सार्स-सीओवी-2 एंटीजन रैपिड परीक्षण मानव नाक की स्वैब, गले की स्वैब और गहरे लार के नमूनों में सार्स-सीओवी-2 एंटीजन के गुणात्मक निर्धारण के लिए एक कोलाइडल गोल्ड संवर्धित दोहरे एंटीबॉडी सैंडविच प्रतिरक्षा है. यह सामान्य जनसंख्या जांच और कोविड-19 के निदान के लिए उपयुक्त है.
3. तेजी से प्रतिरक्षा क्रोमैटोग्राफिक विधि का उपयोग करते हुए, नासॉफिरिन्जियल स्वैब में सार्स-सीओवी-2 कोरोना वायरस एंटीजन के गुणात्मक खोज करने के लिए आविष्कार को इन विट्रो नैदानिक किट की ओर निर्देशित किया गया है.
4. यह पहचान कोरोना वायरस एंटीजन के लिए विशिष्ट मोनोक्लोनल एंटीबॉडी पर आधारित है.
5. इसके प्राप्त परिणाम गुणात्मक आधारित हैं और खुली आंखों से देखने पर भी इसका अनुमान लगाया जा सकता है.
6. एक सार्स-सीओवी-2 पॉजिटिव नमूना परीक्षण क्षेत्र में एक विशिष्ट रंगीन बैंड का निर्माण करता है, जो विशिष्ट एंटीबॉडी एंटीजन रंगीन संयुग्मी जटिल (एयू-सार्स-कोव-2-एबी)-(सार्स-कोव-2-एजी)-(सार्स-कोव-2-एबी) से निर्मित होता है. परीक्षण क्षेत्र में इस रंगीन बैंड की अनुपस्थिति एक नेगेटिव परिणाम का सुझाव देती है.
7. एक रंगीन बैंड हमेशा नियंत्रण क्षेत्र में दिखाई देता है जो प्रक्रियात्मक नियंत्रण के रूप में कार्य करता है, चाहे नमूने में सार्स-कोव-2 हो या नहीं.
8. संवेदनशीलता- 90 फीसदी, विशिष्टता- 100 फीसदी और सटीकता- 98.99 फीसदी के साथ शुरुआती सीटी मान (14 से 32 के बीच सीटी मान) के लिए यह परीक्षण उपयुक्त पाया गया है और आईसीएमआर ने इसे प्रमाणित किया है. ये इस तरह के किसी भी परीक्षण किट के लिए उपलब्ध सर्वश्रेष्ठ मूल्यों में से एक है.
9. इस प्रौद्योगिकी और इसका निर्माण 100 फीसदी स्वदेशी है.
पहले 399 रुपये की आरटीपीसीआर टेस्ट किट की थी लॉन्च
उन्होंने कहा कि आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर वी. रामगोपाल राव ने कहा, ‘आईआईटी दिल्ली ने गत वर्ष जुलाई में 399 रुपये की आरटीपीसीआर टेस्ट किट लॉन्च की थी, जिससे आरटीपीसीआर परीक्षण लागत को मौजूदा स्तर पर लाने में सहायता मिली. इस संस्थान में विकसित तकनीकों का उपयोग करते हुए अब तक 80 लाख से अधिक पीपीई किट की आपूर्ति की जा चुकी है. इस एंटीजन आधारित रैपिड परीक्षण किट के लॉन्च होने के साथ, हमें ग्रामीण क्षेत्रों के लिए नैदानिक को आसान और सस्ता बनाने की उम्मीद है.’
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 26, 2021 01:59 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

