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मैरिटल रेप पर कर्नाटक HC की बड़ी टिप्पणी, कहा- रेप, रेप है चाहे वह पति करे या कोई और

पत्नी के साथ जबरन सेक्स (मैरिटल रेप) पर कर्नाटक हाई कोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की है. पति के खिलाफ बलात्कार के आरोप को हटाने से इनकार करते हुए कोर्ट ने कहा सदियों पुरानी उस घिसीपिटी सोच को मिटा दिया जाना चाहिए कि पति अपनी पत्नी के शासक हैं, उनके शरीर, मन और आत्मा के मालिक हैं.

मैरिटल रेप पर कर्नाटक HC की बड़ी टिप्पणी, कहा- रेप, रेप है चाहे वह पति करे या कोई और
प्रतीकात्मक फोटो (Photo Credits: Pixabay)

बेंगलुरु, 23 मार्च: पत्नी के साथ जबरन सेक्स (मैरिटल रेप) पर कर्नाटक हाई कोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की है. पति के खिलाफ बलात्कार के आरोप को हटाने से इनकार करते हुए कोर्ट ने कहा सदियों पुरानी उस घिसीपिटी सोच को मिटा दिया जाना चाहिए कि पति अपनी पत्नी के शासक हैं, उनके शरीर, मन और आत्मा के मालिक हैं. मैरिटल रेप को लेकर हाई कोर्ट ने कड़ा रूख दिखाया है. हाई कोर्ट ने कहा, रेप, रेप है चाहे वह पति करे या कोई और.

जस्टिस एम नागप्रसन्ना की एकल पीठ ने याचिकाकर्ता पति के खिलाफ बलात्कार के आरोप को हटाने से इनकार करते हुए कहा सदियों पुरानी उस घिसीपिटी सोच को मिटा दिया जाना चाहिए कि पति अपनी पत्नी के शासक हैं, उनके शरीर, मन और आत्मा के मालिक है.

उच्च न्यायालय ने कहा कि पति की ओर से पत्नी पर की गई यौन प्रताड़ना का पत्नी की मानसिक स्थिति पर गंभीर असर होगा, इसका मनोवैज्ञानिक और शारीरिक दोनों ही प्रकार का असर उस पर होगा.

अदालत ने कहा कि पति के इस प्रकार के कृत्य पत्नियों की आत्मा को आघात पहुंचाते हैं. अदालत ने अपनी टिप्पणी में कहा कि इसलिए अब कानून निर्माताओं के लिए जरूरी है कि वे ‘‘खामोशी की आवाज को सुनें.’’

पीठ ने याचिकाकर्ता के खिलाफ शुरू की गई कार्यवाही में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए ये टिप्पणियां कीं. व्यक्ति पर बलात्कार, क्रूरता के साथ ही पॉक्सो अधिनियम के तहत भी आरोप हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 23, 2022 11:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).