गाजियाबाद में खौफनाक वारदात: 'नरबलि' के चक्कर में दोस्त की हत्या, ई-रिक्शा में जलाया शव; दो गिरफ्तार
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गाजियाबाद (Ghaziabad) जिले से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है. लोनी के ट्रोनिका सिटी इलाके (Tronica City Area)  में पुलिस ने 'नरबलि' (Human Sacrifice) की साजिश के तहत अपने ही दोस्त की हत्या करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने एक तांत्रिक के दावे पर यकीन कर लिया था कि नरबलि देने से उन्हें अपार धन और दैवीय शक्ति प्राप्त होगी. मृतक का जला हुआ शव एक जले हुए ई-रिक्शा (E-Rickshaw) के भीतर से बरामद किया गया था. यह भी पढ़ें: Chhattisgarh Bus Accident: छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा पर बस खाई में गिरी, 5 की मौत, 80 घायल

लापता होने के बाद खुला राज

इस सनसनीखेज मामले का खुलासा तब हुआ जब लोनी के मिल्क विकास नगर निवासी नवीन उर्फ नंदू के भाई ने 16 जनवरी 2026 को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. जांच के दौरान पुलिस को ट्रोनिका सिटी के सुनसान इलाके में एक जला हुआ ई-रिक्शा मिला, जिसमें मानव अवशेष मौजूद थे. फॉरेंसिक जांच में पुष्टि हुई कि वह अवशेष नवीन के ही थे.

शराब पार्टी के बाद गैस सिलेंडर से हमला

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से नवीन के दोस्तों, पवन (25) और सागर (24) को हिरासत में लिया. पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि 13 जनवरी की रात उन्होंने सागर के घर पर शराब पार्टी की थी.

जब नवीन नशे की हालत में बेसुध हो गया, तो आरोपियों ने एक भारी गैस सिलेंडर से उसके सिर पर वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया. इसके बाद उन्होंने शव को कंबल में लपेटा और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से ई-रिक्शा में रखकर उसे आग लगा दी.

अंधविश्वास और तांत्रिक का चक्कर

पुलिस पूछताछ में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है. आरोपियों ने बताया कि वे दिल्ली के एक तांत्रिक के संपर्क में थे. तांत्रिक ने उन्हें विश्वास दिलाया था कि यदि वे किसी की बलि देते हैं, तो उन पर धन की वर्षा होगी. इसी लालच में आकर दोनों ने अपने ही दोस्त को शिकार बना लिया.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए पवन और सागर का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है, जिसमें लूट और चोरी जैसे मामले शामिल हैं. यह भी पढ़ें: त्यौहार की खुशियां मातम में बदलीं: आंध्र प्रदेश में दो सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

पुलिस की कार्रवाई और तलाश

गाजियाबाद पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया गैस सिलेंडर बरामद कर लिया है. मामले में शामिल तीसरा आरोपी, नसीम उर्फ इकबाल अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में छापेमारी की जा रही है. साथ ही, पुलिस उस तांत्रिक की भी पहचान कर रही है जिसने आरोपियों को इस जघन्य अपराध के लिए उकसाया था.

प्रशासन ने इस घटना को अंधविश्वास का एक खतरनाक उदाहरण बताते हुए लोगों से ऐसे भ्रामक दावों से बचने की अपील की है. फिलहाल, दोनों मुख्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.