Gujarat Elections 2022: लव जिहाद और तुष्टिकरण का विरोध है भाजपा के एजेंडे में शामिल
गुजरात विधान सभा और दिल्ली नगर निगम के चुनाव के लिए प्रचार अभियान जोर-शोर से जारी है. गुजरात में जहां मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है जिसे आम आदमी पार्टी त्रिकोणीय बनाने की कोशिश कर रही है.
नई दिल्ली, 27 नवंबर : गुजरात विधान सभा और दिल्ली नगर निगम (Delhi Municipal Corporation ) के चुनाव के लिए प्रचार अभियान जोर-शोर से जारी है. गुजरात में जहां मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है जिसे आम आदमी पार्टी त्रिकोणीय बनाने की कोशिश कर रही है. वहीं दिल्ली के नगर निगम चुनाव में मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच माना जा रहा है और इन दोनों दलों के बीच जारी मुकाबले में कांग्रेस अपनी खोई जमीन तलाशने की कोशिश कर रही है. भाजपा लगातार मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए अपने विरोधी दलों पर निशाना साध रही है तो वहीं लव जिहाद भी भाजपा और संघ परिवार से जुड़े अन्य संगठनों के एजेंडे में शामिल है.
चुनाव प्रचार के दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा श्रद्धा की जघन्य हत्या को महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा से जुड़ा बड़ा मुद्दा बताते हुए लव जिहाद के खिलाफ कड़े कानून बनाने की मांग कर रहे हैं. सरमा यह कह रहे हैं कि इस देश के हर शहर में आफताब जैसा हत्यारा मौजूद है और बहन-बेटियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए लव जिहाद के खिलाफ मजबूत कानून बनाने की जरूरत है. जाहिर तौर पर असम के मुख्यमंत्री मतदाताओं को यह संदेश देने का प्रयास कर रहे हैं कि लव जिहाद जैसे अपराधों से उन्हें सिर्फ भाजपा की मजबूत सरकार ही बचा सकती है. यह भी पढ़ें : UP: मुख्यमंत्री योगी ने मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को ऑटो उद्योग का हब बनाने का निर्देश दिया
वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी चुनाव प्रचार के दौरान तुष्टिकरण को लेकर विरोधी राजनीतिक दल कांग्रेस पर जमकर निशाना साध रहे हैं. गुजरात में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए शाह ने भेंट द्वारका में बने अवैध और नकली मजार और कब्र को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सरकार द्वारा साफ करने और उस इलाके को अतिक्रमण से मुक्त करने एवं अवैध तस्करी पर अंकुश लगा कर, अपराधियों पर भी शिकंजा कसने की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि कांग्रेस कहती है कि भाजपा ध्रुवीकरण कर रही है.
उन्होंने जनता से पूछा कि नकली मजार और कब्रों को साफ करना चाहिए या नहीं? भारतीय जनता पार्टी की गुजरात सरकार इसी तरह साफ-सफाई चालू रखेगी. गुजरात को कर्फ्यू मुक्त प्रदेश बनाने का दावा करते हुए शाह लगातार कांग्रेस पर अपराधियों और असामाजिक तत्वों को बढ़ावा देने का आरोप लगा रहे हैं. चुनाव प्रचार अभियान में जुटे भाजपा के तमाम नेता कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर एक समुदाय विशेष के तुष्टिकरण का आरोप लगा रहे हैं.
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह श्रद्धा की जघन्य हत्या को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए भारत में लव जिहाद का षड्यंत्र एक मिशन के तहत चलाए जाने का आरोप लगा चुके हैं. गिरिराज सिंह तो लव जिहाद पर राहुल गांधी, असदुद्दीन ओवैसी, नीतीश कुमार और लालू यादव जैसे नेताओं और उनकी पार्टी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए देश के करोड़ों लोगों से इस मसले पर सोचने का आग्रह भी कर रहे हैं.
शनिवार को गुजरात विधान सभा चुनाव के लिए पार्टी का संकल्प पत्र जारी करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गुजरात यूनिफॉर्म सिविल कोड कमेटी की सिफारिशों के पूर्ण क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने यानी राज्य में समान नागरिक संहिता को लागू करने का वादा किया. नड्डा ने एक कदम और आगे बढ़ते हुए यह वादा भी किया कि गुजरात में चुनाव जीत कर फिर से सरकार बनाने के बाद भाजपा संभावित खतरों, आतंकवादी संगठनों और भारत विरोधी ताकतों के स्लीपर सेल की पहचान करने और उन्हें खत्म करने के लिए एंटी-रेडिकलाइजेशन सेल भी बनाएगी.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े विश्व हिंदू परिषद और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच जैसे संगठन भी लव जिहाद की कड़ी आलोचना करते हुए इसके खिलाफ देश भर में घर-घर में संस्कारों व सुरक्षा का तंत्र बनाने के लिए जन-जागरण अभियान चलाने जा रहे हैं और सबसे खास बात यह है कि दोनों ही संगठनों की महिला कार्यकतार्एं ही इस राष्ट्रव्यापी अभियान में बढ़-चढ़कर शामिल होती दिखाई देंगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 27, 2022 12:55 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

