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28 कॉलेजों में गवर्निंग बॉडी समाप्त, नहीं सुझाए गए नए नाम, यूजीसी को टेकओवर का प्रस्ताव

दिल्ली के 12 कॉलेजों का भविष्य लगातार अधर में बना हुआ है. यह 12 कॉलेज पूरी तरह दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित हैं. यहां वेतन में देरी व अन्य अव्यवस्थाओं के कारण यूजीसी से इन कॉलेजों को टेक ओवर करने को कहा जा रहा है. इतना ही नहीं दिल्ली के 28 कॉलेजों में गवर्निंग काउंसिल का कार्यकाल इसी महीने समाप्त हो गया, लेकिन अंतिम तारीख निकल जाने के बावजूद गवर्निंग बॉडी सदस्यों के नाम तक नहीं सुझाए.

28 कॉलेजों में गवर्निंग बॉडी समाप्त, नहीं सुझाए गए नए नाम, यूजीसी को टेकओवर का प्रस्ताव
दिल्ली विश्वविद्यालय (Photo Credits: PTI)

नई दिल्ली, 19 सितम्बर: दिल्ली (Delhi) के 12 कॉलेजों का भविष्य लगातार अधर में बना हुआ है. यह 12 कॉलेज पूरी तरह दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित हैं. यहां वेतन में देरी व अन्य अव्यवस्थाओं के कारण यूजीसी से इन कॉलेजों को टेक ओवर करने को कहा जा रहा है. इतना ही नहीं दिल्ली के 28 कॉलेजों में गवर्निंग काउंसिल का कार्यकाल इसी महीने समाप्त हो गया, लेकिन अंतिम तारीख निकल जाने के बावजूद गवर्निंग बॉडी सदस्यों के नाम तक नहीं सुझाए. दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षक एक बार फिर दिल्ली सरकार के साथ टकराव की स्थिति में हैं. दिल्ली सरकार द्वारा 100 फीसदी वित्त पोषित 12 कॉलेजों को अनुदान दिए जाने में देरी हो रही है.यह भी पढ़े: Sensex Update Today: सेंसेक्स की शीर्ष 10 में से चार कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 65,464 करोड़ रुपये बढ़ा

शिक्षकों का कहना है कि दिल्ली सरकार ने जो ग्रांट रिलीज करती है वह नाकाफी है. शिक्षकों के मुताबिक अब यूजीसी को इस मामले में हस्तक्षेप करके छात्रों और शिक्षकों के साथ इंसाफ करना चाहिए. यूजीसी से जिन कॉलेजों के टेकओवर की मांग रखी गई है उनमें दिल्ली का भीमराव अंबेडकर कॉलेज, महाराजा अग्रसेन कॉलेज, महर्षि बाल्मीकि कॉलेज, इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉलेज, अदिति महाविद्यालय, भगिनी निवेदिता, दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज, भास्कराचार्य कॉलेज ऑफ अप्लाइड साइंस और केशव महाविद्यालय आदि शामिल हैं. डूटा अध्यक्ष राजीब रे कहा कि यूजीसी के समक्ष दिल्ली के इन सभी 12 कॉलेजों का मुद्दा उठाया गया है. इन कॉलेजों में शिक्षकों की सैलरी को लेकर लगातार संकट बना हुआ है. यह सभी 12 कॉलेज दिल्ली सरकार द्वारा 100 फीसदी वित्त पोषित हैं. अब यूजीसी से मांग की गई है की यूजीसी इन सभी 12 कॉलेजों को टेकओवर करने की कार्रवाई करें. दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ ने आधिकारिक तौर पर यूजीसी के समक्ष यह मांग रखी. डूटा अध्यक्ष राजीब रे के मुताबिक डूटा पदाधिकारियों की यूजीसी के अधिकारियों से इस विषय में मुलाकात भी हुई है. इस बैठक में यूजीसी के सचिव प्रोफेसर रजनीश जैन, वित्तीय सलाहकार पी के ठाकुर उपस्थित रहे.

समस्या केवल इन 12 कॉलेजों तक सीमित नहीं है. दिल्ली सरकार द्वारा पोषित 28 कॉलेजों की गवनिर्ंग बॉडी का कार्यकाल 13 सितंबर 2021 को पूरा हो गया. बावजूद इसके दिल्ली सरकार ने कॉलेजों में गवनिर्ंग बॉडी बनाने के लिए गवनिर्ंग बॉडी के सदस्यों के नाम नहीं भेजे. टीचर्स एसोसिएशन ( डीटीए ) के अध्यक्ष डॉ. हंसराज सुमन ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया से कहा है कि यदि इतनी जल्दी सदस्यों के नामों को नहीं भेजे जा सकते तो दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति को गवनिर्ंग बॉडी के एक्सटेंशन के संदर्भ में पत्र लिखकर विशेष परिस्थितियों में तीन महीने के लिए एक्सटेंशन दिए जाने की मांग की जाए. उनका कहना है कि यदि दिल्ली सरकार के 28 कॉलेजों की गवनिर्ंग बॉडी को एक्सटेंशन नहीं मिलता है तो ट्रेंकेटिड गवर्निंग बॉडी शिक्षा मंत्रालय व यूजीसी सकरुलर को लागू कर बैकलॉग पदों को भरने की कोशिश होगी. इसलिए डीयू कुलपति को राज्य सरकार गवर्निंग बॉडी एक्सटेंशन दिए जाने के संदर्भ में लिखें. दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित 28 कॉलेजों की गवनिर्ंग बॉडी का कार्यकाल 13 सितंबर 2021 को समाप्त हो गया है. विश्वविद्यालय के अध्यादेश 18 के अनुसार गवनिर्ंग बॉडी की समाप्ति से तीन महीने पहले गवनिर्ंग बॉडी के गठन की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए. दिल्ली सरकार के वित्त पोषित 28 कॉलेजों में 12 कॉलेजों को शत प्रतिशत अनुदान दिया जाता है बाकी 16 कॉलेजों को सरकार की ओर से 5 फीसदी अनुदान दिया जाता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 19, 2021 04:35 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).