नई दिल्ली: होटल या रेस्टोरेंट में खाना खाने के बाद बिल पर 'LPG चार्ज' (LPG Charges) या 'फ्यूल सरचार्ज' (Fuel Surcharges) देखकर चौंकने वाले ग्राहकों के लिए राहत भरी खबर है. केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (National Consumer Helpline) (CCPA) ने गुरुवार, 26 मार्च को हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री के लिए एक सख्त एडवाइजरी जारी करते हुए इस तरह के शुल्कों को पूरी तरह गैरकानूनी घोषित कर दिया है. रेगुलेटर ने चेतावनी दी है कि जो भी प्रतिष्ठान बिल में ऑटोमैटिक तरीके से ये अतिरिक्त लागत जोड़ेंगे, उन्हें 'अनुचित व्यापार व्यवहार' (Unfair Trade Practices) का दोषी माना जाएगा और उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. यह भी पढ़ें: ईंधन आपूर्ति पर सरकार का बड़ा बयान: एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का स्टॉक पर्याप्त; पैनिक बुकिंग और अफवाहों से बचने की सलाह
ग्राहकों की शिकायतों के बाद एक्शन
यह कदम नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) पर देशभर के ग्राहकों से मिली शिकायतों के बाद उठाया गया है. CCPA ने पाया कि कई रेस्टोरेंट "गैस सरचार्ज", "फ्यूल कॉस्ट रिकवरी" और "LPG चार्ज" जैसे अलग-अलग नामों से ग्राहकों से अतिरिक्त पैसे वसूल रहे थे. प्राधिकरण ने साफ किया है कि इस तरह से चुपके से बिल बढ़ाना मौजूदा पारदर्शी मूल्य निर्धारण नियमों का उल्लंघन है.
मेनू कार्ड की कीमत ही होगी अंतिम
CCPA ने अपनी आधिकारिक एडवाइजरी में स्पष्ट किया है कि बिजली, किराया और ईंधन (LPG) जैसे खर्च किसी भी व्यवसाय को चलाने की अंतर्निहित लागत (Inherent Costs) हैं. इन खर्चों को खाने की वस्तुओं की मूल कीमत (Base Price) में ही शामिल किया जाना चाहिए.
प्राधिकरण ने निर्देश दिया, 'मेनू कार्ड में प्रदर्शित कीमत ही अंतिम कीमत होगी, जिसमें केवल लागू सरकारी टैक्स ही अलग से जोड़े जा सकते हैं.' उपभोक्ताओं को ऐसी किसी भी अतिरिक्त लागत का भुगतान करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता जो स्वैच्छिक नहीं है.
CCPA ने ‘ईंधन लागत वसूली’ शुल्क को अनुचित व्यापार प्रथा करार दिया
CCPA directs hotels & restaurants not to levy additional charges, such as LPG charges & fuel cost recovery, on consumers
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— All India Radio News (@airnewsalerts) March 25, 2026
सर्विस चार्ज के बाद अब फ्यूल चार्ज पर लगाम
इससे पहले CCPA ने अनिवार्य 'सर्विस चार्ज' (Service Charge) पर रोक लगाने के प्रयास किए थे. अधिकारियों का मानना है कि 'ईंधन शुल्क' जैसे नए नाम दरअसल पुराने नियमों से बचने और उपयोगिता लागत बढ़ने के बहाने मुनाफा कमाने की एक कोशिश है. उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए CCPA ने शिकायत दर्ज करने का स्पष्ट रास्ता भी बताया है. यह भी पढ़ें: LPG Booking Rules: क्या बदल गए रसोई गैस बुकिंग के नियम? सरकार ने रिपोर्टों को बताया 'भ्रामक', रिफिल मानदंडों पर दी बड़ी सफाई
शिकायत कहाँ और कैसे करें?
यदि कोई रेस्टोरेंट बिल में ऐसे चार्ज जोड़ता है, तो ग्राहक निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं:
- सबसे पहले रेस्टोरेंट प्रबंधन से इन शुल्कों को बिल से हटाने का अनुरोध करें.
- यदि रेस्टोरेंट मना करता है, तो 1915 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके औपचारिक शिकायत दर्ज करें.
- NCH मोबाइल ऐप का उपयोग करें या ई-जागृति (e-Jagriti) पोर्टल के माध्यम से मामला दर्ज करें.
CCPA ने अंत में चेतावनी दी है कि इन मानदंडों का उल्लंघन 'उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम' का उल्लंघन माना जाएगा, जिसके तहत भारी जुर्माना या कानूनी कार्यवाही की जा सकती है.












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