Gwalior News: झेलम एक्स्प्रेस (Jhelum Express) में एक शख्स ने फर्जी टीटीई (Fake TTE) बनकर यात्रियों को सीट दिलवाने के नाम और और टिकट कन्फर्म करवाने के नाम पर पैसे वसूले. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया. बताया जा रहा है की जब ये यात्रियों से कन्फर्म टिकट और सीट दिलवाने के नाम पर पैसे ले रहा था तो किसी ने इसका वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर डाल दिया. जिसके बाद रेलवे प्रशासन एक्टिव हुआ और इसे ग्वालियर में हिरासत में लिया गया.
वीडियो में आरोपी व्यक्ति खुलेआम यात्रियों से बात करते और पैसे लेते हुए नजर आ रहा है. इस वीडियो (Video) को सोशल मीडिया X पर @NewsPlus_21 नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:Fake Woman TT Video: ट्रेन में पकड़ी गई फर्जी महिला टीटी, गर्मी में जैकेट पहनकर चेक कर रही थी टिकट, वीडियो वायरल
फर्जी टीटीई बनकर यात्रियों से लूट
झेलम एक्सप्रेस में एक फर्जी TTE यात्रियों से टिकट दिलाने के नाम पर पैसे वसूल रहा था। GRP ने उसे ग्वालियर से हिरासत में लिया, आरोपी खुद को आर्मी अफसर बताता था। #trainfraud #fakeTTE #railcrime #breakingnews #newsplus21 pic.twitter.com/snWnORG6we
— NewsPlus21 (@NewsPlus_21) October 25, 2025
फर्जी टीटीई यात्रियों को दे रहा था सीट का झांसा
वीडियो में देखा गया कि आरोपी वेटिंग टिकट वाले यात्रियों (Passengers) के पास जाकर कह रहा था कि अगर वे उसे कुछ पैसे दे दें, तो वह उन्हें कन्फर्म सीट दिला देगा.उसकी इस हरकत को एक यात्री ने रिकॉर्ड किया और रेलवे को टैग करते हुए वीडियो वायरल कर दिया.
ग्वालियर में पकड़ा गया आरोपी
जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हुआ, रेलवे अधिकारी और जीआरपी (Government Railway Police) तुरंत सक्रिय हो गए. जांच के बाद पता चला कि आरोपी का नाम कमल पांडे है, जो झांसी से ग्वालियर तक बिना टिकट यात्रा कर रहा था.ग्वालियर स्टेशन पर ही आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया. उसके पास से 1,620 रूपए नकद बरामद किए गए.पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह सेना अधिकारी है, लेकिन जांच में यह दावा झूठा निकला. अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी नशे की हालत में था और लंबे समय से यात्रियों को ठगने का काम कर रहा था.
पुलिस ने दर्ज किया मामला
रेलवे (Railway) अधिकारियों ने मामले की जानकारी मिलते ही मामला दर्ज किया गया है और आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया. मुख्य टिकट निरीक्षक और आरपीएफ टीम ने सामान्य और दिव्यांग कोचों में जांच अभियान चलाया ताकि ऐसे अन्य ठगों का भी पता लगाया जा सके.













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