नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की क्राइम ब्रांच (Crime Branch) ने राजधानी के मधु विहार इलाके (Madhu Vihar Area) में चल रहे एक बड़े अवैध कारखाने का भंडाफोड़ किया है, जहां मशहूर ब्रांड्स ENO और नेस्कैफे (Nescafé) के नाम पर नकली उत्पाद तैयार किए जा रहे थे. खुफिया जानकारी के आधार पर की गई इस छापेमारी में पुलिस ने दो अवैध इकाइयों को सील किया है. इस कार्रवाई में लगभग 20 लाख रुपये मूल्य का नकली सामान और मशीनरी जब्त की गई है. यह गिरोह एक परिष्कृत वितरण नेटवर्क के जरिए स्थानीय थोक और खुदरा बाजारों को निशाना बना रहा था. यह भी पढ़ें: Mumbai: मुंबई में एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, 10 करोड़ रुपए के नशीले पदार्थ बरामद, दुबई से चल रहा था नेटवर्क
भारी मात्रा में नकली सामान और मशीनरी बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में तैयार माल और कच्चा माल मिला है। जब्त किए गए सामान की सूची इस प्रकार है:
- लगभग 1,00,000 नकली ENO पाउच.
- 50,000 से अधिक नकली नेस्कैफे कॉफी पाउच.
- 500 किलो खुली कॉफी पाउडर.
- तीन बड़ी पैकेजिंग मशीनें और ब्रांडेड स्टिकर के रोल.
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ये नकली उत्पाद स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकते हैं. विशेष रूप से ENO, जिसका उपयोग पेट की समस्याओं और एसिडिटी के लिए किया जाता है, उसमें अनियंत्रित रसायनों (जैसे एसिड से भरे ड्रम) का उपयोग उपभोक्ताओं के लिए गंभीर चिकित्सा जटिलताएं पैदा कर सकता है.
पुलिस ने 20 लाख रुपये की नकली ENO और Nescafé कॉफी ज़ब्त की
500 kgs coffee powder, 2 drums of acid recovered at fake ENO, Nescafe manufacturing unit
Delhi police has busted a fake ENO and Nescafe coffee manufacturing unit. Uttam Das, Papai Das, Nitin Bhardwaj and Sanjay Bansal
Recovery:
• 3 single-track filling machines with… pic.twitter.com/E3MVWLioo1
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) April 21, 2026
दिल्ली में नकली Eno और Nescafé कॉफ़ी बनाने वाली फ़ैक्टरी पकड़ी गई
"6 सेकेंड में एसिडिटी से राहत"
Eno का यही टैगलाइन है। लेकिन गैस दूर कैसे हो, जब नकली बन रही हो। दिल्ली में फ्लैट के अंदर नकली Eno और NESCAFE बनाने की फैक्ट्री चल रही थी !! https://t.co/mUf3vtBPBh pic.twitter.com/nWJs9cX71L
— Sachin Gupta (@Sachingupta) April 21, 2026
अंतर्राज्यीय अभियान और चार गिरफ्तारियां
इस रैकेट के सिलसिले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है: उत्तम दास, पपई दास (उर्फ पंकज), नितिन भारद्वाज और संजय बंसल. जांच में सामने आया है कि यह समूह पिछले दो महीनों से इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहा था.
पुलिस ने इन्हें पकड़ने के लिए एक समन्वित अभियान चलाया. नितिन भारद्वाज दिल्ली से फरार हो गया था, जिसे तकनीकी निगरानी के जरिए उत्तराखंड के देहरादून (सहस्त्रधारा क्षेत्र) से गिरफ्तार किया गया। वहीं एक अन्य आरोपी संजय बंसल को दिल्ली के कश्मीरी गेट के पास से पकड़ा गया.
कॉर्पोरेट सत्यापन और सप्लाई चेन की जांच
संबंधित ब्रांडों के प्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर पुष्टि की है कि जब्त किया गया सामान पूरी तरह से नकली है और गुणवत्ता के किसी भी मानक को पूरा नहीं करता है. दिल्ली पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह नकली सामान किन थोक विक्रेताओं को बेचा गया था. जांचकर्ता यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इस गिरोह का संबंध उत्तर भारत में हाल ही में पकड़े गए अन्य नकली सामान के रैकेट से तो नहीं है.












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