EPFO Rule: ईपीएफओ का नया नियम, नाबालिग बच्चों के डेथ क्लेम पर अब नहीं लगेगा गार्जियनशिप सर्टिफिकेट
New EPFO Rule: ईपीएफओ के नए नियम के तहत अब मृत सदस्य के नाबालिग बच्चों को पीएफ क्लेम के लिए कोर्ट-कचहरी या लंबी कागजी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा.
EPFO Rule: कर्मचारियों के भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने मृत्यु से जुड़े क्लेम की प्रक्रिया को आसान बना दिया है. अब अगर किसी सदस्य की मृत्यु हो जाती है, और क्लेम की राशि उसके नाबालिग (Minor) बच्चों के खाते में भेजनी है, तो इसके लिए ‘गार्जियनशिप सर्टिफिकेट’ (Guardianship Certificate) की जरूरत नहीं होगी. पहले इस सर्टिफिकेट के बिना क्लेम पास नहीं होता था, जिससे परिवार को पैसा मिलने में काफी देरी हो जाती थी, लेकिन अब यह बाधा खत्म हो गई है.
पहले क्या था नियम?
अभी तक, अगर किसी मृत सदस्य के नाबालिग बच्चों को पीएफ क्लेम (PF Claim) की राशि देनी होती थी, तो ईपीएफओ (EPFO) गार्जियनशिप सर्टिफिकेट मांगता था. इस वजह से पूरी प्रक्रिया में काफी समय लग जाता था और क्लेम मिलने में देरी हो जाती थी. इसी पर ध्यान देते हुए ईपीएफओ ने 13 अगस्त, बुधवार को सर्कुलर जारी किया और कहा कि ‘कई दफ्तर अब भी ऐसे मामलों में गार्जियनशिप सर्टिफिकेट मांग रहे हैं, जिससे बेवजह देर हो रही है’.
अब क्या बदला?
ईपीएफओ ने साफ कर दिया है, कि अगर पीएफ क्लेम की राशि सीधे नाबालिग बच्चों के बैंक खातों में जमा की जानी है, तो इसके लिए अब अलग से गार्जियनशिप सर्टिफिकेट नहीं मांगा जाएगा. दावा करने वालों (क्लेमेंट्स) को नाबालिग बच्चों के नाम से अलग-अलग बैंक खाते खुलवाने की सलाह दी जाएगी, ताकि पीएफ क्लेम के साथ-साथ पेंशन की राशि भी सीधे उन्हीं खातों में पहुंच सके.
ईपीएफओ का कहना है, कि प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है, ताकि नाबालिग बच्चों को बिना देरी उनके अधिकार की राशि मिल सके.
फायदा क्या होगा?
इस फैसले से अब परिवार को पीएफ का पैसा और पेंशन पहले से जल्दी मिल सकेगी. लंबी और झंझट भरी कागजी कार्रवाई से छुटकारा मिलेगा, जिससे नाबालिग बच्चों के हक का पैसा बिना किसी रुकावट सीधे उनके बैंक खातों में पहुंच जाएगा.
ईपीएफओ के दूसरे नियम क्या है?
फैमिली पेंशन के तहत, सदस्य की मौत के बाद परिवार को पेंशन मिलती रहती है, चाहे वह पहले ही रिटायर हो चुका हो या फिर एक्स-सर्विसमैन (Ex-Servicemen) हो. वहीं, ईडीएलआई (EDLI) स्कीम का फायदा सिर्फ तब मिलता है, जब कर्मचारी की मौत नौकरी के दौरान होती है. अगर मौत नौकरी छोड़ने के बाद होती है, तो इस बीमा की एकमुश्त राशि (Lump Sum Amount) का लाभ नहीं मिलता है.
ईडीएलआई स्कीम क्या है?
ईडीएलआई स्कीम एक बीमा योजना है, जो पीएफ खाते से जुड़ी होती है. इसमें अगर कर्मचारी की नौकरी के दौरान मौत हो जाए, तो उसके नॉमिनी या परिवार को लाखों रुपये की एकमुश्त बीमा राशि मिलती है, ताकि परिवार आर्थिक संकट से उबर सके.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 14, 2025 10:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

