प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना: पहली नौकरी पर ₹15,000 की सहायता, जानें पात्रता और जरूरी दस्तावेज
इस योजना के तहत पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को ₹15,000 तक का एकमुश्त प्रोत्साहन दिया जाता है, जो दो किश्तों में सीधे उनके बैंक खाते में जमा किया जाता है
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana: केंद्र सरकार ने 'विकसित भारत @2047' के विजन को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए "प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना" (PMVBRY) की शुरुआत की है. श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के माध्यम से संचालित यह योजना देश के युवाओं को औपचारिक कार्यबल से जोड़ने और नए रोजगार सृजित करने वाले संस्थानों को प्रोत्साहित करने के लिए डिज़ाइन की गई है। इस योजना का मुख्य केंद्र युवाओं की उत्पादकता बढ़ाना और श्रम-गहन विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्रों को मजबूती प्रदान करना है.
योजना के दो मुख्य भाग (Part A & Part B)
यह योजना दो श्रेणियों में सहायता प्रदान करती है:
भाग ए (Part A - फर्स्ट टाइमर): यह पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं के लिए है। इसका उद्देश्य उन्हें शुरुआती करियर में वित्तीय स्थिरता देना और 'सीखने की अवस्था' (Learning Curve) के दौरान सहायता करना है.
भाग बी (Part B - नियोक्ता प्रोत्साहन): यह उन प्रतिष्ठानों के लिए है जो अतिरिक्त रोजगार पैदा करते हैं। सरकार ऐसे नियोक्ताओं को आर्थिक प्रोत्साहन प्रदान करती है ताकि वे अधिक से अधिक युवाओं को काम पर रख सकें.
पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
कर्मचारियों के लिए (भाग ए):
पहली बार कर्मचारी (First Timer): आवेदक ऐसा व्यक्ति होना चाहिए जो 1 अगस्त, 2025 से पहले ईपीएफओ (EPFO) या किसी छूट प्राप्त ट्रस्ट का सदस्य न रहा हो.
पंजीकरण अवधि: कर्मचारी का पंजीकरण 1 अगस्त, 2025 से 31 जुलाई, 2027 के बीच होना चाहिए.
वेतन सीमा: कर्मचारी का मासिक कुल वेतन (Gross Salary) ₹1,00,000/- से अधिक नहीं होना चाहिए.
तकनीकी सत्यापन: उमंग (UMANG) ऐप पर 'फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी' के माध्यम से यूएएन (UAN) का सत्यापन अनिवार्य है.
प्रतिष्ठानों के लिए (भाग बी):
संस्थान ईपीएफओ के तहत पंजीकृत होना चाहिए.
अतिरिक्त रोजगार: 50 से कम कर्मचारियों वाले संस्थानों को कम से कम 2 नए कर्मचारी और 50 से अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों को कम से कम 5 नए कर्मचारी जोड़ने होंगे.
आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज और विवरण अनिवार्य हैं:
कर्मचारियों के लिए:
आधार कार्ड: पहचान और पते के प्रमाण के लिए.
UAN (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर): जो आधार से लिंक हो.
आधार सीडेड बैंक खाता: सीधे बैंक खाते में लाभ (DBT) प्राप्त करने के लिए.
पैन (PAN) कार्ड: वित्तीय रिकॉर्ड के लिए.
फेस ऑथेंटिकेशन: उमंग ऐप के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन.
नियोक्ताओं के लिए:
प्रतिष्ठान का EPFO कोड नंबर.
संस्थान का PAN और GSTIN नंबर.
ECR (Electronic Challan-cum-Return): मासिक रिटर्न फाइलिंग का विवरण.
पैन से जुड़ा हुआ सक्रिय बैंक खाता विवरण.
वित्तीय लाभ और प्रोत्साहन
इस योजना के तहत पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को ₹15,000 तक का एकमुश्त प्रोत्साहन दिया जाता है, जो दो किश्तों में सीधे उनके बैंक खाते में जमा किया जाता है:
पहली किश्त: 6 महीने की निरंतर सेवा और ईसीआर फाइलिंग के बाद.
दूसरी किश्त: 12 महीने की सेवा पूरी होने और ईपीएफओ पोर्टल पर अनिवार्य 'वित्तीय साक्षरता पाठ्यक्रम' (Financial Literacy Course) पूरा करने के बाद.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 18, 2025 01:59 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

