पेपर चेकिंग में लापरवाही करने वाले शिक्षकों की अब खैर नहीं, जुर्माने के साथ छपेगा नाम
देश के लगभग सभी शिक्षा बोर्डो में ऐसे मामलें अक्सर होते है जब शिक्षक की उत्तर पुस्तिका जांचने में हुई गलती का खामियाजा स्टूडेंट्स को चुकाना पड़ता है. ऐसे शिक्षकों पर लगाम कसने के लिए गुजरात सरकार कड़े कदम उठाने जा रहा है.
अहमदाबाद: देश के लगभग सभी शिक्षा बोर्डो में ऐसे मामलें अक्सर होते है जब शिक्षक की उत्तर पुस्तिका जांचने में हुई गलती का खामियाजा स्टूडेंट्स को चुकाना पड़ता है. ऐसे शिक्षकों पर लगाम कसने के लिए गुजरात सरकार कड़े कदम उठाने जा रहा है. अब से हर महीने शिक्षा विभाग ऐसे शिक्षकों की गलती को उजागर करने के लिए अपनी मासिक पत्रिका में लापरवाह 6500 शिक्षकों के नाम प्रकाशित करेगी.
दसवीं और बारहवीं की उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन में गलती करनेवाले शिक्षकों का नाम प्रकाशित किया जाएगा. फिलहाल, गुजरात बोर्ड शिक्षकों से कक्षा दसवीं की उत्तर पुस्तिका में जांचने में प्रत्येक गलती के लिए 50 रुपये और कक्षा बारहवीं की उत्तर पस्तिका के मूल्यांकन में प्रत्येक गलती के लिए 100 रुपये का जुर्माना वसूलता है.
जानकारी के मुताबिक गुजरात बोर्ड ने अबतक कुल 6634 शिक्षकों की लिस्ट तैयार कर ली है. शिक्षा विभाग के अधिकारी ने बताया कि इस लिस्ट में उन शिक्षकों के नाम शामिल हैं जिन्होंने कॉपी चेक करने के बाद जो मार्क्स दिए हैं उसकी गिनती में कम से कम 10 नंबर की गलती पाई गई है.
इस लिस्ट को दो एडिशन में छापा जाएगा. जो कि हर उस स्कूल में भेजा जायेगा जो गुजरात बोर्ड के अधीन आते है. गुजरात स्टेट हायर सेकेंडरी टीचर्स फेडरेशन में कुल 35000 सदस्य हैं, इन सभी ने सरकार के इस फैसले का समर्थन किया है. लेकिन कुछ शिक्षकों में सरकार के इस निर्णय के बाद भय का भी माहौल है. शिक्षकों का कहना है की नाम उजागर होने से उनकी बदनामी होगी. फिलहाल गुजरात में कुल 20000 शिक्षक हैं जो बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करते है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 08, 2018 10:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

