Bihar Board 10th Result 2026: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा घोषित कक्षा 10वीं के परिणामों में हाजीपुर की शबरीन परवीन ने ऐतिहासिक सफलता हासिल की है. शबरीन ने कुल 500 अंकों में से 492 अंक प्राप्त कर पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है. एक सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाली शबरीन की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है. उनके पिता हाजीपुर में एक टायर मरम्मत की छोटी सी दुकान चलाते हैं.
मेहनत और डिजिटल शिक्षा का मेल
अपनी सफलता के बारे में बात करते हुए शबरीन ने बताया कि उनकी इस उपलब्धि के पीछे कड़ी मेहनत और संसाधनों का सही उपयोग रहा है. उन्होंने कहा, "मैंने 492 अंक प्राप्त किए हैं. मेरी पढ़ाई मुख्य रूप से स्कूल और यूट्यूब (YouTube) के माध्यम से हुई है. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स ने मुझे कठिन विषयों को समझने में काफी मदद की." शबरीन ने अपनी सफलता का एक बड़ा श्रेय अपने भाई को भी दिया, जिन्होंने पढ़ाई के दौरान उनका लगातार मार्गदर्शन किया.
Shabreen Parveen बनना चाहती है डॉक्टर
#WATCH | Hajipur, Bihar: Shabreen Parveen, daughter of a tyre shop owner, scored 98.4% in her state board Class 10 results and became the topper of the state.
She says, "... I have scored 492 marks. I studied at school and on YouTube... I also studied with the help of my… pic.twitter.com/UtMcXkQYYi
— ANI (@ANI) March 30, 2026
भविष्य का लक्ष्य: डॉक्टर बनकर सेवा करना
शबरीन का सपना भविष्य में चिकित्सा के क्षेत्र में करियर बनाना है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका अगला लक्ष्य नीट (NEET) की परीक्षा पास करना है. शबरीन ने कहा, "मैं एक डॉक्टर बनना चाहती हूं और इसके लिए मैं अभी से नीट की तैयारी शुरू कर दूंगी. मैं समाज की सेवा करना चाहती हूं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखती हूं."
एक प्रेरणादायक पृष्ठभूमि
शबरीन के पिता, जो एक छोटी सी दुकान के जरिए परिवार का भरण-पोषण करते हैं, अपनी बेटी की सफलता पर बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद शबरीन ने कभी अपनी पढ़ाई से समझौता नहीं किया. घर के कामों में हाथ बंटाने के साथ-साथ वह घंटों पढ़ाई में जुटी रहती थी.
बिहार बोर्ड की परीक्षा में हाजीपुर का दबदबा
इस साल के मैट्रिक परिणामों में हाजीपुर और वैशाली जिले के छात्रों ने बेहतर प्रदर्शन किया है. शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि शबरीन जैसी छात्राओं की सफलता यह दर्शाती है कि यदि सही दिशा और तकनीक (जैसे यूट्यूब) का सहारा लिया जाए, तो छोटे शहरों के बच्चे भी राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त कर सकते हैं. राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने भी शबरीन को इस शानदार उपलब्धि पर बधाई दी है.













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