Etawah: घर में घुसा जहरीला कोबरा सांप, पालतू कुत्तों ने भौंककर मालिक को किया सावधान, सतर्कता ने बचाई परिजनों की जान, इटावा का VIDEO आया सामने
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इटावा, उत्तर प्रदेश: इन दिनों स्ट्रीट डॉग्स का मुद्दा काफी गूंज रहा है. दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन अब आवारा कुत्तों को पकडकर शेल्टर होम में ले जाने वाली है. इस फैसले को लेकर डॉग प्रेमियों में काफी ज्यादा निराशा है. इस आदेश को देश के कई शहरों में एनिमल लवर्स की तरफ से प्रदर्शन भी हो रहे है. अब उत्तर प्रदेश के इटावा से पालतू कुत्तों की वफादारी की घटना सामने आई है.इटावा में दो कुत्तों ने अपने मालिक और उनके परिजनों की जान बचा ली. दरअसल इनके घर में एक जहरीला कोबरा सांप घुस आया. लेकिन दोनों पालतू कुत्तों ने सांप पर भौंकना शुरू कर दिया. जिसकी आवाज सुनकर परिजन जाग गए. सिविल लाइन थाना क्षेत्र के कोऑपरेटिव बैंक के पास रहने वाले प्रेम किशोर द्विवेदी के घर में बुधवार की शाम अचानक अजीब हलचल मच गई. घर के दोनों पालतू कुत्ते एक साथ जोर-जोर से भौंकने लगे. उनकी आवाज सुनकर परिवार के लोग सतर्क हो गए और तुरंत सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी. तो उनके होश उड़ गए.

इस वीडियो को सोशल मीडिया X पर @WeUttarPradesh नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:Dog vs Cobra: रोटवीलर ने बैकयार्ड में मिले सांप को नोचकर मारा, खौफनाक वीडियो आया सामने

घर में घुसा सांप

कैमरे में दिखा खतरनाक नजारा

जब उन्होंने सीसीटीवी फुटेज देखा तो जो नजारा सामने आया, उसने घरवालों की सांसें रोक दीं. हॉल में 6 फीट लंबा स्पेक्टिकल कोबरा फन उठाकर खड़ा था और दोनों कुत्ते उसके चारों तरफ घूम-घूमकर भौंक रहे थे. सांप दीवार के सहारे ऊपर चढ़ने ही वाला था, लेकिन कुत्तों ने रास्ता रोक दिया.

विशेषज्ञ की मदद से पकड़ा गया कोबरा

स्थिति की गंभीरता समझते हुए प्रेम किशोर ने तुरंत वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. आशीष त्रिपाठी को बुलाया. मौके पर पहुंचकर उन्होंने प्लास्टिक पाइप की मदद से कोबरा को सावधानीपूर्वक पकड़ा और एक थैले में डालकर जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया.प्रेम किशोर का कहना है कि अगर उनके कुत्ते समय पर कोबरा को न देख पाते, तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी. पालतू जानवरों की सतर्कता ने पूरे परिवार को खतरे से बचा लिया.

कोबरा के जहर का खतरा

डॉ. आशीष त्रिपाठी ने बताया कि कोबरा के काटने से तंत्रिका तंत्र पर सीधा असर पड़ता है. इसके जहर में मौजूद न्यूरोटॉक्सिन तेज दर्द, सूजन, सांस लेने में तकलीफ और लकवे के लक्षण पैदा कर देता है. अगर एक घंटे के भीतर एंटी-वेनम न दिया जाए, तो मरीज की जान भी जा सकती है.