Balaghat Shocker: 'मेरी ड्यूटी खत्म हो गई कहकर महिला की डॉक्टर ने नहीं की डिलीवरी, बच्चे की पेट में चली गई जान, मध्य प्रदेश के बालाघाट में इंसानियत शर्मसार
Doctor accused of negligence ((Photo Credits Twitter)

Balaghat News: बालाघाट के जिला अस्पताल (District Hospital, Balaghat) में डिलीवरी के दौरान गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है. प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक महिला के बच्चे की मौत हो गई. परिवार का आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद लेडी डॉक्टर (Lady Doctor) ने ऑपरेशन करने से इनकार कर दिया और कहा कि उनकी ड्यूटी (Duty Hours) खत्म हो गई है.जानकारी के मुताबिक़ वारासिवनी की रहने वाली झरना दहरवाल को सोमवार तड़के तेज दर्द और भारी ब्लीडिंग (Heavy Bleeding) होने लगी.

परिजन तुरंत उन्हें हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां साथ में मौजूद आशा कार्यकर्ता (ASHA Worker) ने भी महिला की स्थिति गंभीर बताकर सिजेरियन (Cesarean Delivery) कराने की मांग उठाई. परिजनों के मुताबिक, ड्यूटी डॉक्टर डॉ. रश्मि बाघमारे ने ऑपरेशन थिएटर में भेजने के बाद झरना को वापस लौटा दिया, यह कहते हुए कि उनकी शिफ्ट समाप्त हो चुकी है. ये भी पढ़े:Meerut Shocker: आधी रात को सोते रहे डॉक्टर, मरीज को नहीं मिला इलाज, तड़प तड़पकर तोड़ा दम, मेरठ के हॉस्पिटल का वीडियो आया सामने; VIDEO

देरी से पहुंची दूसरी डॉक्टर

कुछ समय बाद दूसरी डॉक्टर हॉस्पिटल आईं और ऑपरेशन किया, लेकिन तब तक गर्भ में पल रहे बच्चे की हार्टबीट (Fetal Heartbeat) रुक चुकी थी. परिजन दावा कर रहे हैं कि समय पर इलाज मिलता तो नवजात को बचाया जा सकता था. आशा कार्यकर्ता ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने डॉक्टर से तुरंत ऑपरेशन की अपील की, तो उनके साथ दुर्व्यवहार (Misbehavior) किया गया.उन्होंने मामले की जानकारी (Chief Medical & Health Officer) को दी है.

डॉक्टर ने आरोप से किया इनकार

डॉ. बाघमारे ने अपने ऊपर लगाए सभी आरोपों को नकार दिया. उनका कहना है कि महिला को हॉस्पिटल लाने से पहले ही फीटल डेथ (Fetal Death) हो चुकी थी.उन्होंने बताया कि वे सुबह 10 बजे तक ड्यूटी पर थीं और इसके बाद उन्होंने फोन काट दिया.

स्वास्थ्य विभाग का बयान

सीएमएचओ (CMHO) डॉ. परेश उपलप (Dr. Paresh Uplap) ने बताया कि वह अभी शहर से बाहर हैं, लेकिन लौटकर पूरे मामले की इंक्वायरी (Inquiry) कराई जाएगी. उनका भी कहना है कि लाने के समय बच्चे की धड़कन नहीं थी.लगातार हो रही घटनाओं से जिला हॉस्पिटल की हेल्थ सर्विसेज (Health Services) पर सवाल उठ रहे हैं, और लोगों का भरोसा गवर्नमेंट हॉस्पिटल्स (Government Hospitals) से कम होता जा रहा है.