देश

राजधानी में प्रदूषण बेहद गंभीर श्रेणी में बरकरार, दिल्ली-एनसीआर में गैस चैंबर जैसे खतरनाक हालात

दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता बिगड़कर 'सिवियर' कैटेगरी में बना हुआ है. शनिवार को भी प्रदूषण से रहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं. सुबह के वक्त हवा बेहद जहरीली बनी हुई है. एक्यूआई अभी भी 500 के पार बना हुआ है. कई इलाकों में हालात शुक्रवार से भी खराब हो गए हैं.

राजधानी में प्रदूषण बेहद गंभीर श्रेणी में बरकरार, दिल्ली-एनसीआर में गैस चैंबर जैसे खतरनाक हालात
राजधानी में बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंचा प्रदूषण (Photo Credit-PTI)

दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता बिगड़कर 'सिवियर' कैटेगरी में बनी हुई है. शनिवार को भी प्रदूषण से रहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं. सुबह के वक्त हवा बेहद जहरीली बनी हुई है. एक्यूआई अभी भी 500 के पार बना हुआ है. कई इलाकों में हालात शुक्रवार से भी खराब हो गए हैं. शनिवार को दिल्ली समेत पूरा एनसीआर धुंध की मोटी चादर में दिखा. शुक्रवार को आपातकालीन स्थितियों के बीच पॉल्यूशन कंट्रोल बॉडी ने दिल्ली और आसपास के इलाकों में पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दी है. र्यावरण प्रदूषण रोकथाम एवं नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) ने शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी की घोषणा की और 5 नवंबर तक निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगा दिया. इसके साथ ही पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

मौजूदा स्थिति को गैस चैंबर बताते हुए ईपीसीए ने स्वास्थ्य के प्रति अतिरिक्त सतर्कता बरतने की हिदायत दी है. केजरीवाल सरकार ने पांच नवंबर तक के लिए सभी स्कूल बंद कर दिए हैं. शुक्रवार को हुई ईपीसीए बैठक के बाद चेयरमैन भूरेलाल ने बताया, दिल्ली-एनसीआर की हवा सुधारने को पंजाब और हरियाणा सरकार को पराली जलाने से रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया गया है. दिल्ली-एनसीआर में पांच नवंबर तक स्टोन क्रशर, हॉट मिक्स प्लांट और कोयले से चलने वाली फैक्ट्रियां भी बंद रहेंगी.

यह भी पढ़ें- Air Pollution: खराब हवा उत्तर भारत में जिंदगियां 7 साल घटा रही.

शनिवार को भी धुंध की मोटी चादर-

प्रदूषण 'सिवियर' कैटेगरी में बरकरार-

ईपीसीए के अध्यक्ष भूरेलाल ने शुक्रवार को उक्त सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में कहा कि गुरुवार रात दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता बहुत खराब हो गई और अब उससे भी आगे खतरनाक श्रेणी में पहुंच रही है. हम इसे जनस्वास्थ्य आपातकाल की तरह ले रहे हैं, क्योंकि वायु प्रदूषण का स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव होगा, विशेषकर बच्चों के स्वास्थ्य पर.

बता दें कि शून्य से 50 के बीच के एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) को अच्छा, 51 से 100 को संतोषजनक, 101 से 200 को मध्यम, 201 से 300 को खराब, 301 से 400 को बेहद खराब और 401 से 500 को गंभीर और 500 से ऊपर को अति गंभीर आपात स्थिति की श्रेणी में रखा जाता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 02, 2019 08:54 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).