नई दिल्ली, 21 जून : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने दिल्लीवासियों के साथ योगाभ्यास किया. सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली देश का वह शहर बन गया, जहां पार्को में सबसे ज्यादा लोग योग करते हैं. अब हमें हजारों की संख्या को लाखों में लेकर जाना है. अब हमारा मकसद है कि दिल्ली का हर व्यक्ति योग करे, ताकि कोई बीमार ही न पड़े. मुख्यमंत्री ने दिल्लीवासियों से 'दिल्ली की योगशाला' का हिस्सा बनने के लिए अपील करते हुए कहा कि अगर आप भी योग करना चाहते हैं, तो हमें 9013585858 पर फोन कीजिए. दिल्ली सरकार आपको मु़फ्त में योग टीचर मुहैया कराएगी.
सीएम ने कहा कि कोरोना के समय में पिछले दो साल काफी मुश्किल में बीते. पिछली साल जब तीसरी लहर आई थी, तब हम लोगों ने एक प्रयोग शुरू किया था कि कोरोना के मरीजों को क्या योग से कुछ फायदा पहुंचाया जा सकता है. मुझे बहुत खुशी है कि दिल्ली सरकार के योग शिक्षकों और दिल्ली फामर्ेेसी यूनिवर्सिटी के लोगों ने बहुत अद्भुत काम किया. ये लोग लगभग 4700 कोरोना के मरीजों को आनलाइन योग की कक्षाएं देते थे. यह भी पढ़ें : Maharashtra: उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे को दिया सीएम बनने का ऑफर, कहा- ‘मैं CM पद से दे दूंगा इस्तीफा’
दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में लगभग 546 जगह दिल्ली सरकार की तरफ से सुबह-सुबह योग की कक्षाएं होती हैं. उसमें हर वर्ग के लोग आते हैं. उसमें अमीर, गरीब, महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग आते हैं. सभी उम्र समूह के लोग आते हैं. इन योग कक्षाओं में प्रतिदिन करीब 17 हजार लोग सुबह-सुबह योग करते हैं.
सीएम के मुताबिक दिल्ली अब देश का वो शहर हो गया, जिसके पार्को में सबसे ज्यादा लोग योग करते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिक तो खूब बना दिए. दिल्ली के अस्पताल भी खूब अच्छे कर दिए. दिल्ली में सारा मेडिकल इलाज भी फ्री कर दिया. किसी को कोई बीमारी हो, अस्पताल चले जाओ, कोई पैसा नहीं लगेगा. बीमारी कोई अच्छी चीज नहीं है. बीमार ही नहीं होना है. योग करेंगे, तो बीमारियों से छुटकारा मिलेगा. ऐसा नहीं है कि बीमारी कभी नहीं आएगी, लेकिन अधिकतर बीमारियों से छुटकारा मिलेगा.
सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं आठवीं कक्षा में योग सिखा था. जब गर्मी की छुट्टियां हुई, तो हमारे घर के पास एक योगाश्रम था. दो महीने की छुट्टियां थीं. हमारी कॉलोनी के कुछ बच्चे योगाश्रम में दाखिला ले लिया. मैं भी उनके साथ चला जाया करता था. उस समय मैंने सारी क्रियाएं सीखी थी. बचपन में अगर हम योग की आदत डाल देंगे, तो जिंदगी भर योग रहेगा. इसलिए अपने को बच्चों को बचपन से ही योग सिखाना है.












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