नई दिल्ली: दिल्ली में 17 महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न के आरोपी एक ढोंगी 'बाबा' को आखिरकार आगरा से गिरफ्तार कर लिया गया है. यह बाबा खुद को एक मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट का डायरेक्टर बताता था और हफ्तों से पुलिस को चकमा दे रहा था.
पुलिस ने स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी को 50 दिनों तक फरार रहने के बाद आगरा के ताज गंज इलाके के एक होटल से देर रात करीब 3:30 बजे पकड़ा. जैसे ही संस्थान को वायु सेना मुख्यालय से बाबा के खिलाफ शिकायत मिली, वह 4 अगस्त को फरार हो गया था.
क्या हैं आरोप?
इस बाबा पर बेहद गंभीर आरोप लगे हैं. शिकायत करने वाली 17 महिलाओं का कहना है कि वह उनके साथ गंदी भाषा का इस्तेमाल करता था, अश्लील मैसेज भेजता था और जबरदस्ती छूने की कोशिश करता था. इतना ही नहीं, इस बाबा ने महिला हॉस्टल में चुपके से कैमरे भी लगा रखे थे ताकि वह छात्राओं पर नजर रख सके.
पीड़ित छात्राएं ज़्यादातर आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) वर्ग से हैं, जो स्कॉलरशिप पर मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रही थीं.
कैसे काम करता था यह बाबा?
शिकायत करने वाली छात्राओं का कहना है कि इंस्टीट्यूट की कुछ वार्डन ही उन्हें बाबा से मिलवाती थीं. बाबा छात्राओं को अपने कमरे में बुलाता था और उन्हें मुफ्त में विदेश घुमाने का लालच देता था. कई छात्राओं के साथ उसकी गंदी चैट भी सामने आई है.
मामला कैसे खुला?
यह मामला तब सामने आया जब सबसे पहले एक पूर्व छात्र ने संस्थान में बाबा की हरकतों के बारे में शिकायत की. इसके अगले ही दिन, वायु सेना के एक ग्रुप कैप्टन रैंक के अधिकारी ने भी एक ईमेल भेजा, जिसमें कई छात्राओं की तरफ से बाबा के खिलाफ शिकायतें थीं. वायु सेना ने इसलिए दखल दिया क्योंकि इंस्टीट्यूट की कई छात्राएं वायु सेना कर्मियों के परिवारों से थीं.
बाबा का हैरान करने वाला प्रोफाइल
आपको जानकर हैरानी होगी कि ओडिशा का रहने वाला यह बाबा खुद को बहुत पढ़ा-लिखा और ज्ञानी बताता था.
- वह खुद को 28 किताबों का लेखक बताता है.
- दावा है कि उसकी एक किताब की प्रस्तावना (foreword) एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स ने लिखी थी.
- उसका यह भी दावा है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने चुनाव अभियान में उसकी एक किताब का कई बार जिक्र किया था.
- वह खुद को शिकागो यूनिवर्सिटी से MBA और PhD होल्डर बताता है.
आरोप सामने आने के बाद, दिल्ली के वसंत कुंज में स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट ने उसे पद से निकाल दिया है. यह संस्थान दक्षिण भारत के एक प्रसिद्ध श्रृंगेरी मठ की शाखा है. मठ ने भी बाबा के कामों को "अनुचित" बताया है. फिलहाल, बाबा पुलिस की गिरफ्त में है और आगे की जांच जारी है.













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