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छत्तीसगढ़ में 4 फीसदी से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव वाले जिलों में स्कूल, आंगनवाड़ी बंद रखने का फैसला

देश के अन्य हिस्सों की तरह छत्तीसगढ़ में भी कोरेाना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है. राज्य सरकार ने ऐसे जिलों, जहां कोरोना की पॉजिटिविटी दर चार प्रतिशत से अधिक है, वहां सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों, पुस्तकालयों, स्वीमिंग पूल और ऐसे सार्वजनिक स्थानों को बंद रखने का फैसला किया है.

छत्तीसगढ़ में 4 फीसदी से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव वाले जिलों में स्कूल, आंगनवाड़ी बंद रखने का फैसला
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Twitter)

रायपुर, 5 जनवरी : देश के अन्य हिस्सों की तरह छत्तीसगढ़ में भी कोरेाना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है. राज्य सरकार ने ऐसे जिलों, जहां कोरोना की पॉजिटिविटी दर चार प्रतिशत से अधिक है, वहां सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों, पुस्तकालयों, स्वीमिंग पूल और ऐसे सार्वजनिक स्थानों को बंद रखने का फैसला किया है. इसके निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए कोविड-19 गाइडलाईन के तहत सख्ती से हर संभव उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा है कि हमारा मुख्य उद्देश्य कोविड-19 संक्रमण और इससे संबंधित रिस्क को सीमित करना है, न कि आर्थिक गतिविधियों को धीमा करना.

इस संबंध में जारी निर्देश में कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा गया है कि प्रदेश के ऐसे जिले जहां पॉजिटिव रेट चार प्रतिशत या इससे अधिक है, वहां रात्रि 10 बजे से सुबह छह बजे तक सभी गैर व्यावसायिक गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जाए. इसके लिए जहां जरूरी हो वहां धारा 144 तथा महामारी अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए. जिन जिलों में पॉजिटिव रेट चार प्रतिशत से ज्यादा है, वहां सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों, पुस्तकालयों, स्वीमिंग पूल और अन्य सार्वजनिक स्थानों को बंद रखा जाए. ऐसे जिले जहां बीते सात दिनों में कोरोना पॉजिटिविटी रेट चार प्रतिशत से कम है, वहां कलेक्टर अन्य जिलो के प्रावधान लागू कर सकेंगे. यह भी पढ़ें : एम्स आरडीए ने निदेशक से ट्रॉमा सेंटर को कोविड केंद्र में नहीं बदलने का किया आग्रह

सभी जिलों में जुलूसों, रैलियों, पब्लिक गैदरिंग, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और खेल आयोजनों पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं. जहां जरूरी हो वहां धारा 144 तथा महामारी अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने को कहा गया है. कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश के सभी एयरपोर्ट पर आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य की जाए. ऐसे व्यक्ति जिन्हें कोविड-19 के दोनो टीके लगाए जा चुके हैं, वे यात्रा की तिथि के 72 घंटे की आरटीपीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट प्रस्तुत करें. साथ ही एयरपोर्ट पर आने वाले सभी यात्रियों की आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य रूप से की जाए. सभी रेल्वे स्टेशनों और राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण की रैन्डम जांच के निर्देश दिए गए हैं.

मुख्यमंत्री बघेल ने जिला प्रशासन को यह निर्देश भी दिए हैं कि जहां आवश्यक हो, वहां कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए माइक्रो या मिनी कंटेनमेंट जोन बनाए जाएं. जहां आवश्यक हो, वहां संक्रमितों की पहचान के लिए ट्रेसिंग और ट्रेकिंग की जाए. होम आईसोलेशन वाले संक्रमितों के लिए सप्ताह में सातों दिन 24 घंटे कॉल सेंटर्स को सक्रिय किया जाए. मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक स्थानों, भीड़-भाड़ वाले बाजारों और दुकानों में संक्रमण से बचाव के लिए मास्क के उपयोग को सख्ती से लागू करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए हैं. ऐसे लोग जो मास्क नहीं लगाते हैं उनका पुलिस और नगर निगम के स्टाफ के माध्यम से सख्ती से चालान किया जाए.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 05, 2022 01:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).