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कार है पब्लिक प्‍लेस, अकेले ड्राइवर को भी मास्‍क लगाना जरूरी: दिल्ली हाईकोर्ट

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच दिल्‍ली हाईकोर्ट ने मास्क पहनने को लेकर महत्‍वपूर्ण टिप्‍पणी की है. कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान मास्‍क को सुरक्षा कवच बताते हुए कहा, यदि कोई शख्‍स अकेले भी ड्राइव कर रहा है तो उसके लिए भी मास्‍क लगाना जरूरी है.

कार है पब्लिक प्‍लेस, अकेले ड्राइवर को भी मास्‍क लगाना जरूरी: दिल्ली हाईकोर्ट
सांकेतिक तस्वीर (Photo Credits: PTI)

दिल्ली, 7 अप्रैल : कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच दिल्‍ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने मास्क पहनने को लेकर महत्‍वपूर्ण टिप्‍पणी की है. कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान मास्‍क को सुरक्षा कवच बताते हुए कहा, यदि कोई शख्‍स अकेले भी ड्राइव कर रहा है तो उसके लिए भी मास्‍क लगाना जरूरी है. हाईकोर्ट ने कहा, मास्‍क सुरक्षा कवच की तरह काम करता है जो COVID-19 के प्रसार को रोकने में सहायक है. इसके अलावा कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि,“वाहन को भी पब्लिक प्लेस (Public place) माना जाएगा. जब ट्रैफिक सिग्नल पर कोई वाहन रुकता है तो कई बार वाहन चालक को अपनी साइड वाली खिड़की खोलनी पड़ती है. यह वायरस इतना प्रभावशाली है कि वह इस दौरान किसी भी व्यक्ति को अपना शिकार बना सकता है." इसके साथ ही कोर्ट ने "अकेले वाहन चलाते समय मास्क नहीं लगाने पर चालान होने की स्थिति को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है.

क्या था मामला

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह की बेंच याचिकाकर्ता वकील सौरभ शर्मा की उस दलील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें वकील ने दावा किया था कि वह 9 सितंबर 2020 को अकेला निजी कार चलाकर जा रहा था. इस दौरान दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने उसे रोका और मास्क न पहनने पर 500 रुपये का जुर्माना किया. इस दौरान पीठ ने कहा कि सरकार जो भी नियम लागू कर रही है, वह आपको सुरक्षित रखने के लिए कर रही है, इसलिए इसे अहम का विषय बनाने से सभी लोग बचें. यह भी पढ़ें : Bihar: देश में बढ़ते कोरोना मामलों के बीच बिहार सरकार ने बनाया प्लान, 31 मई तक सभी सरकारी स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों की छुट्टियां रद्द की

अपना निजी व आधिकारिक वाहन चलाते समय भी मास्क पहनना अनिवार्य: दिल्ली सरकार

पूर्व में इस मामले पर सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार की तरफ से कहा गया था कि अपना निजी व आधिकारिक वाहन चलाते समय भी मास्क पहनना अनिवार्य है, जिसको लेकर पिछले साल अप्रैल में ही आदेश जारी किए गए थे, जबकि याचिकाकर्ता के वकील का कहना था कि चार अप्रैल 2020 को दिल्ली आपदा प्रबंधन अधिकरण तथा केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से एक प्रेसवार्ता आयोजित की गई थी, जिसमें कहा गया था कि अकेले वाहन चला रहे व्यक्ति को मास्क पहनने की जरूरत नहीं है.

हाईकोर्ट में आज इसी तरह चार याचिकाओं पर सुनवाई हुई. इन चारों ही याचिकाओं में चालान को रद्द करने की मांग की गई है. साथ ही चालान राशि को वापस करने की मांग की गई है. दायर की गई याचिका में याचिकाकर्ताओं के द्वारा मानसिक प्रताड़ना के लिए दस लाख रुपये का मुआवजा मांगा गया था.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 07, 2021 01:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).