COVID-19: रामपुर में आजम खान की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी का क्वॉरेंटाइन सेंटर के तौर पर होगा इस्तेमाल, डीएम ने जारी किया आदेश
रामपुर जिला अधिकारी ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को अधिकृत किया है. यहां कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों को क्वॉरेंटाइन किया जाएगा.
उत्तर प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव (Corona positive) मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. सूबे की योगी सरकार इसके प्रसार को रोकने के लिए दिन-रात काम कर रहा है. इस बीच, अब रामपुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है. समाजवादी पार्टी सांसद आजम खान (Azam Khan) की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी (Mohammad Ali Jauhar University) का क्वॉरेंटाइन सेंटर के तौर पर इस्तेमाल होगा. रामपुर जिले के कोरोना संदिग्ध मरीजों को जौहर यूनिवर्सिटी में बने क्वॉरेंटाइन सेंटर में रखा जाएगा. रामपुर जिला अधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने ये फैसला लिया है.
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, रामपुर जिला अधिकारी ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को अधिकृत किया है. यहां कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों को क्वॉरेंटाइन किया जाएगा. इसे एक निजी अस्पताल के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा. यह भी पढ़ें- देश में तेजी से बढ़ रही कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या, अब तक 8356 संक्रमित- 273 की मौत.
डीएम ने दिए आदेश-
Mohammad Ali Jauhar University in Rampur will be used as quarantine centre for #Coronavirus cases, till further orders: Rampur District Magistrate, Aunjaneya Kumar Singh pic.twitter.com/TlirLFmoQ2
— ANI UP (@ANINewsUP) April 11, 2020
उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या शनिवार को बढ़कर 452 हो गई. स्वास्थ्य विभाग की ओर से शाम को जारी बुलेटिन में बताया गया कि 19 और मामले सामने आए. अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश कुमार अवस्थी ने यहां संवाददाताओं को बताया कि प्रदेश में संक्रमण के कुल मामलों में से 254 जमात से जुड़े हैं. प्रदेश में कोरोना वायरस से अब तक पांच लोगों की मौत हुई है. ये मौतें बस्ती, मेरठ, वाराणसी, बुलंदशहर और आगरा में हुई.
इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राज्य के सभी बार्डर पूरी तरह से सील कर दिए जाएं और अंतर्राज्यीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर कड़ाई से आवागमन रोका जाए. प्रदेश में कहीं भी कोई आयोजन न होने दिया जाए.
आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना से निपटने का सबसे कारगर तरीका सोशल डिस्टेन्सिंग है. इसलिए लॉकडाउन की अवधि में जो जहां पर मौजूद है, वहीं पर रहे और सोशल डिस्टेन्सिंग को माने. उन्होंने विभिन्न स्थलों पर रह रहे मजदूरों, श्रमिकों और कामगारों तथा अन्य लोगों से अपील की कि वे अपने निवास स्थल पर ही बने रहें. सरकार उनकी पूरी सहायता करेगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 12, 2020 10:06 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

