UP: चीन की दिग्गज फुटवियर कंपनियां यूपी में करेंगी निवेश, कानपुर और आगरा में खर्च करेंगी ₹2500 करोड़; 10 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार!
सीएम योगी (Photo : X)

UP Footwear Hub Investment 2025: चीन की सात बड़ी कंपनियां उत्तर प्रदेश में करीब 2500 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही हैं. इससे न सिर्फ उद्योग को मजबूती मिलेगी, बल्कि लगभग 10 लाख लोगों को रोजगार भी मिलेगा. ये निवेश खास तौर पर कानपुर के रमईपुर और आगरा में बन रहे फुटवियर पार्कों में होगा. कानपुर में 131.69 एकड़ और आगरा में 300 एकड़ जमीन पर ये हाईटेक फुटवियर पार्क बनाए जा रहे हैं. इन पार्कों के बनने से यूपी को लेदर और फुटवियर इंडस्ट्री का इंटरनेशनल हब बनाने में जबरदस्त मदद मिलेगी.

चीन की कंपनियों ने भारत सरकार से वीजा प्रक्रिया को आसान बनाने की मांग की है, ताकि उनके प्रतिनिधि जल्दी भारत आ सकें और काम शुरू कर सकें. इस पर भारत की ओर से भरोसा दिलाया गया है कि शॉर्ट टर्म वीजा के साथ बाद में 6 महीने का ऑटोमेटिक वीजा देने पर विचार किया जाएगा.

ये भी पढें: UP: धार्मिक टूरिज्म में इतिहास रचने के बाद यूपी सरकार का जोर अब हेल्थ टूरिज्म पर

चीन की दिग्गज फुटवियर कंपनियां यूपी में करेंगी निवेश

कौन-कौन सी कंपनियां हैं शामिल?

  • एवरवान ग्रुप: नाइकी और प्यूमा जैसी कंपनियों के लिए काम करता है.
  • तियानफू: खास टेक्सटाइल मटेरियल बनाएगा.
  • याओक्सिंग टेक्सटाइल: तकनीकी कपड़े सप्लाई करेगा.
  • बेयॉन्ग: सिलाई मशीनें सप्लाई करेगा.
  • झोंगताई और ग्वांगडोंग ग्रुप: मैन्युफैक्चरिंग मशीनरी व निवेश में लीड रोल.

ग्वांगडोंग शू मैन्युफैक्चरर्स ग्रुप ने अकेले ही 1000 करोड़ रुपये का निवेश करने की बात कही है. इसके अलावा, बाकी कंपनियों ने भी मिलकर करीब 1500 करोड़ रुपये के और निवेश में रुचि दिखाई है. ये पूरा प्रस्ताव यूपी सरकार और चर्म निर्यात परिषद (CLE) की छह दिन की चीन यात्रा के दौरान सामने आया.

निवेशकों को मिलेंगी कई रियायतें

एमएसएमई और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार की अगुवाई में टीम ने चीन के जिनजियांग इंटरनेशनल शूज एंड टेक्सटाइल सिटी और गुआंगझोउ फुटवियर फेयर का दौरा किया. वहां नाइकी, प्यूमा और क्रॉक्स जैसे बड़े ब्रांड्स के लिए काम करने वाली कंपनियों ने खास दिलचस्पी दिखाई.

यूपी सरकार की लेदर एंड फुटवियर पॉलिसी 2025 के तहत निवेशकों को कई रियायतें भी दी जाएंगी. जैसे स्टांप ड्यूटी में छूट, सब्सिडी और तेज मंजूरी प्रक्रिया. इससे न सिर्फ विदेशी निवेश बढ़ेगा, बल्कि राज्य के युवाओं को रोजगार के बड़े मौके भी मिलेंगे.