Budget 2019: मोदी सरकार के किसान राहत पैकेज का जल्द होगा ऐलान, मंत्रिमंडल से मंजूरी की उम्मीद
केंद्र सरकार बजट से पहले ही कृषि क्षेत्र में आए संकटों और उपज की गिरती कीमतों से जूझ रहे किसानों के लिए राहत पैकेज को मंजूरी दे सकती है. सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट की आगामी बैठक में छोटे और सीमांत किसानों की कम आय पर ध्यान देने का कृषि मंत्रालय का प्रस्ताव ही मुख्य एजेंडा है.
केंद्र सरकार बजट से पहले ही कृषि क्षेत्र में आए संकटों और उपज की गिरती कीमतों से जूझ रहे किसानों के लिए राहत पैकेज को मंजूरी दे सकती है. सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट की आगामी बैठक में छोटे और सीमांत किसानों की कम आय पर ध्यान देने का कृषि मंत्रालय का प्रस्ताव ही मुख्य एजेंडा है. सूत्रों की मानें तो मोदी सरकार अप्रैल-मई में होने वाले आम चुनाव से पहले यह पैकेज लागू करेगी. "छोटे एवं सीमांत किसानों की आय में कमी की समस्या के निवारण के उपायों को लेकर कृषि मंत्रालय का एक प्रस्ताव केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के एजेंडे में है. पहले यह बैठक सोमवार को होने वाली थी, लेकिन इसे अभी टाल दिया गया है.
इस राहत पैकेज के तहत किसानों के खाते में सीधा पैसा पहुंचा जाएगा. केंद्र सरकार अप्रैल-मई में होने वाले आम चुनाव से पहले यह पैकेज लागू करेगी. बताया जा रहा है इस पैकेज के लिए बड़े बजट का प्रावधान किया गया है. बता दें कि यह राहत पैकेज किसानों की कर्जमाफी के बदले तैयार किया है. इस राहत पैकेज के तहत केंद्र सरकार प्रति एकड़ 4 हजार से लेकर के 12 हजार रुपये की राशि की मदद दे सकती है. सूत्रों की माने यह राशि 30 हजार रुपये सालाना भी हो सकती है. यह भी पढ़ें- Budget 2019: मिडल क्लास और किसानों को बड़ी सौगात देगा अबकी बार का बजट?
सिर्फ किसान ही नहीं, परिवार को भी होगा लाभ
मोदी सरकार ने किसान राहत पैकेज के लिए जिस मॉडल पर काम किया है उससे किसान ही नहीं बल्कि उनके पूरे परिवार को लाभ मिलेगा. राहत पैकेज में बीमा, कृषि लोन, आर्थिक मदद दी जा सकती है. स्कीम में छोटे, सीमांत और बटाईदारों या किराया पर किसानी करने वाले किसानों को फायदा देने पर जोर है. साथ ही किसानों को 0% ब्याज पर लोन देने पर फैसला हो सकता है. यह भी पढ़ें- मिशन 2019: पटना में NDA की रैली 3 मार्च को, एक मंच पर दिखेंगे पीएम मोदी-सीएम नितीश समेत कई दिग्गज नेता
छोटे व सीमांत किसानों की आय में कमी की समस्या के समाधान के उपायों को लेकर कृषि मंत्रालय का एक प्रस्ताव बैठक के एजेंडे में है. सूत्रों के अनुसार कृषि मंत्रालय ने क्षेत्र की समस्याओं को दूर करने के लिए अल्पावधि और दीर्घकालिक दोनों समाधान प्रदान करने के लिए कई विकल्पों की सिफारिश की है. वहीं किसानों की समस्या पर विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार के पास किसी भी नई योजना को लागू करने के लिए बहुत कम समय बचा है. उपाय ऐसा करना होगा, जिसे कम समय में तेजी से लागू किया जा सके और चुनाव में इसका फायदा मिल सके.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 28, 2019 12:27 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

