Budget 2019 में सस्ते घरों पर जोर, होम लोन पर ब्याज कटौती 1.5 लाख बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये की गई
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 45 लाख रुपये मूल्य तक का अपना पहला घर खरीद खरीदने वाले व्यक्तियों को चालू वित्त वर्ष के दौरान मंजूर बैंक कर्ज पर ब्याज पर 3.5 लाख रुपये तक के ब्याज पर कर में कटौती की छूट दी है. इस कदम से सस्ते आवास क्षेत्र को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी. फिलहाल आवास रिण के सालाना दो लोख रूपए तक के ब्याज पर कर में कटौती का लाभ मिलता है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने 45 लाख रुपये मूल्य तक का अपना पहला घर खरीद खरीदने वाले व्यक्तियों को चालू वित्त वर्ष के दौरान मंजूर बैंक कर्ज पर ब्याज पर 3.5 लाख रुपये तक के ब्याज पर कर में कटौती (Tax Deduction) की छूट दी है. इस कदम से सस्ते आवास (Affordable Housing) क्षेत्र को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी. फिलहाल आवास रिण के सालाना दो लोख रूपए तक के ब्याज पर कर में कटौती का लाभ मिलता है. वित्त मंत्री ने कहा कि किराये के आवास को बढ़ावा देने के लिए सुधारवादी कदम उठाए जाएंगे और राज्यों के लिए किराया कानून का एक आदर्श प्रारूप तैयार कर जारी किया जाएगा. सीतारमण ने शुक्रवार को अपने पहले बजट में कहा कि सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई)-ग्रामीण के तहत अगले दो साल में 1.95 करोड़ घर बनाएगी.
आयकर अधिनियम के तहत किफायती आवास की परिभाषा को जीएसटी अधिनियमों के साथ संरेखित करने के लिए, सीतारमण ने महानगर क्षेत्रों में मकान के कारपेट एरिया की सीमा 30 वर्ग मीटर से बढ़ाकर 60 वर्ग मीटर और गैर महानगर क्षेत्रों में इसे 60 वर्ग मीटर से 90 वर्ग मीटर तक बढ़ाने का प्रस्ताव किया है. किफायती घर की कीमत 45 लाख रुपये और उससे कम तय की गई है.
वित्त मंत्री ने 45 लाख रुपये तक की कीमत वाले किफायती आवास की खरीद के लिए 31 मार्च , 2020 तक लिए गए बैंक कर्ज पर अदा किए गए ब्याज के लिए 1,50,000 रुपये तक की अतिरिक्त कटौती की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा है. इसका अर्थ है कि किफायती मकान खरीदने वाले व्यक्ति को आवास कर्ज पर अब 3.5 लाख रुपये तक के ब्याज पर कर-कटौती का लाभ मिलेगा. इससे मध्यम वर्ग के मकान खरीदारों को 15 वर्षों की अपनी ऋण अवधि के दौरान लगभग 7 लाख रुपये का लाभ मिलेगा. यह भी पढ़ें- Budget 2019: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया बजट, जानिए क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा
उन्होंने कहा कि सरकार के सभी कार्यक्रमों के केंद्र में गांव, गरीब और किसान हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घरों के निर्माण की अवधि 2017-18 में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्लेटफार्म और प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से घटकर 114 दिन रह गई है. 2015-16 में इस योजना के तहत घरों के निर्माण में 314 दिन लगते थे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के दूसरे चरण में 2019-20 और 2020-21 के दौरान पात्र लाभार्थियों को 1.95 करोड़ मकान दिए जाएंगे. इन घरों में बिजली, एलपीजी कनेक्शन और शौचालय उपलब्ध होगा. वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले पांच साल में 1.54 करोड़ घर बनाए गए हैं. सीतारमण ने कहा कि बिजली कनेक्शनों और मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर योजना ने ग्रामीण भारत में बड़ा बदलाव ला दिया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 05, 2019 06:31 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

