Budget 2025-26: एसोचैम ने एमएसएमई के लिए क्रेडिट फ्लो बढ़ाने की मांग की
एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) ने सोमवार को कहा कि माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) को और सशक्त बनाने और व्यापार में आसानी के लिए इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर टाउनशिप और यूनिवर्सिटी बनाने की जरूरत है. ताकि स्किल डेवलपमेंट और एंटरप्रेन्योरशिप ट्रेनिंग को प्रमोट किया जा सके.
नई दिल्ली, 30 दिसंबर : एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) ने सोमवार को कहा कि माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) को और सशक्त बनाने और व्यापार में आसानी के लिए इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर टाउनशिप और यूनिवर्सिटी बनाने की जरूरत है. ताकि स्किल डेवलपमेंट और एंटरप्रेन्योरशिप ट्रेनिंग को प्रमोट किया जा सके.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ अपनी बजट पूर्व बैठक में, व्यापार चैंबर ने निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए कई उपायों की मांग की. चैंबर ने एमएसएमई और न्यू एज बिजनेस जैसे डेटा सेंटर, डेटा होस्टिंग और क्लाउड कंप्यूटिंग के लिए अनुमानित कराधान के दायरे को बढ़ाने की मांग की. यह भी पढ़ें : भाजपा का ‘डबल इंजन’ युवाओं पर ‘डबल अत्याचार’ का प्रतीक बन गया है: कांग्रेस
एसोचैम के अध्यक्ष संजय नायर के अनुसार, इससे पूर्व निर्धारित आधार पर आय की गणना कर ऐसे करदाताओं के हाथों में अनुपालन को सरल बनाने में मदद मिलेगी, जिससे कर विवाद और मुकदमेबाजी को लेकर कमी आएगी. नायर ने कहा, "यह व्यवसायों को एडवांस में कर देयता को जानते हुए जटिल ऑडिट/बुककीपिंग से बचने में सक्षम बनाता है, जिससे व्यवसायों को बेहतर वित्तीय योजना और प्रबंधन करने में मदद मिलती है."
उन्होंने देश भर में एमएसएमई (पुराने औद्योगिक एस्टेट विकास कार्यक्रम का संशोधित संस्करण) के लिए इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर टाउनशिप डेवलप करने की जरूरत पर जोर दिया. इन टाउनशिप में कॉमन टेस्टिंग और रिसर्च एंड डेवलपमेंट सुविधा केंद्र, वित्तीय संस्थान, कॉमन सर्विस प्रोवाइडर, श्रमिकों के लिए आवास, स्कूल, अस्पताल, श्रमिकों के लिए प्रशिक्षण केंद्र और निर्यात सहायता केंद्र आदि शामिल हो सकते हैं. कोलेटरल फ्री लोन की नीति के बावजूद, एमएसएमई को अभी भी ऋण प्राप्त करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. बैंक अक्सर पर्सनल प्रॉपर्टी कोलेटरल की मांग करते हैं. इसके अलावा, बैंकों द्वारा उच्च ब्याज दर भी वसूली जाती है, जिससे ऋण तक पहुंच में बाधा आती है.
नायर ने कहा कि बैंकों के लिए समय-समय पर दिए गए कोलेटरल फ्री लोन की संख्या और राशि का खुलासा करना अनिवार्य किया जाना चाहिए. आगामी बजट में एमएसएमई को क्रेडिट फ्लो बढ़ाने के लिए अतिरिक्त आवंटन या शुद्ध प्रावधान किया गया है. यह ठीक उसी तरह हो सकता है जैसे कोरोना के दौरान माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइजेज के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट (सीजीटीएमएसई) शुरू किया गया था, जो एमएसएमई के विकास को गति देने में अहम साबित हुआ.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 30, 2024 02:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

