BMC Budget 2026-27: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने बुधवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपना वार्षिक बजट पेश किया. बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी ने कुल ₹80,952 करोड़ का बजट अनुमान स्थायी समिति के अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे के समक्ष प्रस्तुत किया. यह बजट पिछले वर्ष के ₹74,427 करोड़ की तुलना में ₹6,525 करोड़ (8.7%) अधिक है. इस साल का बजट इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि 2022 के बाद पहली बार इसे प्रशासक के बजाय निर्वाचित स्थायी समिति के सामने पेश किया गया है.
शिक्षा बजट: 'मिशन सफल' पर जोर
मुख्य बजट से पहले, अतिरिक्त नगर आयुक्त अविनाश ढाकणे ने शिक्षा समिति के लिए ₹4,248.08 करोड़ का बजट पेश किया. यह पिछले वर्ष के ₹3,674.10 करोड़ के मुकाबले काफी अधिक है. यह भी पढ़े: BMC Education Budget 2026-27: मुंबई महानगरपालिका में शिक्षा का बजट पेश, एजुकेशन क्वालिटी बेहतर बनाने के लिए BMC खर्च करेगी ₹4,248 करोड़
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डिजिटल लर्निंग: 20,000 छात्रों के लिए साइबर साक्षरता प्रशिक्षण और टैब वितरण के लिए बजट में विशेष प्रावधान किया गया है.
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मिशन सफल (Mission SAFAL): राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत छात्रों के समग्र विकास के लिए इस नई पहल की शुरुआत की जाएगी.
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स्कूल अपग्रेड: लगभग 190 प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में विज्ञान प्रयोगशालाओं (Science Labs) के आधुनिकीकरण का लक्ष्य रखा गया है.
बुनियादी ढांचा और प्रमुख परियोजनाएं
बजट का एक बड़ा हिस्सा मुंबई की 'मेगा' बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए आवंटित किया गया है. प्रशासन का लक्ष्य चल रही परियोजनाओं को गति देना है.
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कोस्टल रोड और ब्रिज: कोस्टल रोड के अगले चरण (वर्सोवा-दहिसर) और विभिन्न फ्लाईओवर के निर्माण पर भारी निवेश प्रस्तावित है.
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सड़क कंक्रीटीकरण: मुंबई की सड़कों को पूरी तरह गड्ढा मुक्त बनाने के लिए कंक्रीटीकरण के कार्यों को प्राथमिकता दी गई है.
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सीवेज ट्रीटमेंट: शहर के कचरा प्रबंधन और सात नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के लिए भी विशेष फंड की व्यवस्था की गई है.
लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बहाली
पिछले चार वर्षों से बीएमसी का कामकाज राज्य सरकार द्वारा नियुक्त प्रशासक संभाल रहे थे. हाल ही में हुए नगर निकाय चुनावों के बाद, अब निर्वाचित पार्षदों की वापसी हुई है. इस बजट प्रस्तुति के साथ ही मुंबई की नागरिक शासन व्यवस्था में लोकतांत्रिक जवाबदेही फिर से शुरू हो गई है.
क्या होगा आम आदमी पर असर?
80 हजार करोड़ से अधिक के इस भारी-भरकम बजट के बावजूद, सूत्रों के अनुसार प्रशासन ने आम नागरिकों पर प्रॉपर्टी टैक्स या पानी के बिल में किसी बड़े बोझ डालने से बचने की कोशिश की है. हालांकि, आय बढ़ाने के लिए बीएमसी अपने फिक्स्ड डिपॉजिट और अन्य आंतरिक स्रोतों पर ध्यान केंद्रित कर रही है.













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